भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप अहलावत के भाई पंकज अहलावत के साथ झज्जर में हुए एनकाउंटर में घायल एएसआई प्रवीण के समर्थन में रविवार को मायना गांव में पंचायत हुई। पंचायत में सरपंच प्रतिनिधि प्रवीण ने कहा कि प्रदेश प्रवक्ता के दबाव में घायल एएसआई प्रवीण के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए। मामले को लेकर ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल सीएम नायब सैनी से मिला था। मुख्यमंत्री ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया है लेकिन वे संतुष्ट नहीं हैं। अगर घायल एएसआई के साथ अन्याय हुआ तो बड़े स्तर पर पंचायत होगी। मामले को लेकर देर शाम तक गांव की पंचायत जारी रही। तीन दिन पहले झज्जर पुलिस की भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप अहलावत के भाई पंकज अहलावत के साथ कथित मुठभेड़ हो गई थी। फायरिंग में जहां पंकज को पैर में गोली लगी है जबकि दूसरी तरफ रोहतक जिले के मायना गांव निवासी व झज्जर पुलिस का जवान एएसआई प्रवीण गोली लगने से घायल हो गया था। उसे रोहतक पीजीआई में दाखिल कराया गया है। पुलिस एनकाउंटर को फर्जी माना जा रहा है। मामले की जांच आईजी सिमरदीप सिंह के नेतृत्व में गठित एसआईटी कर रही है। मायना के ग्रामीणों को अंदेशा है कि सरकार भाजपा के दबाव में एनकाउंटर में घायल एएसआई प्रवीण के साथ भेदभाव कर सकती है। इसी के चलते रविवार को मायना गांव में पंचायत हुई, जो अभी जारी है।