डॉक्टर को जनता भगवान का रूप मानती है। ऐसे में डॉक्टर को अपने पेशे को समाज सेवा का माध्यम मानना चाहिए। सेवा भाव से किए हुए कार्य से परिवार में अपने आप समृद्धि आती है। चिकित्सा के क्षेत्र में शोध दृष्टिकोण को अपना जरूरी है। यह देश व समाज तरक्की के लिए जरूरी है। यह कहना है राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय का। वे मंगलवार को पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के चौथे दीक्षांत समारोह में बोल रहे थे। यहां उन्होंने विवि के 5806 नव स्नातक चिकित्सकों को डिग्री प्रदान की। समारोह में महानिदेशक सशस्त्र सेना चिकित्सा सेवाएं एवीएसएम वीएसएम सर्जन वाइस एडमिरल डॉ. आरती सरीन विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुईं। इन्हें राज्यपाल ने होनोरिस कौसा की डिग्री से सम्मानित किया।