बिजली कानून रद्द कर स्मार्ट / रिचार्ज मीटर योजना वापस लेने की मांग को लेकर शुक्रवार को अखिल भारतीय किसान सभा हरियाणा ने एसई कार्यालय पर धरना दिया। यहां सुबह 11 से 2:30 बजे तक नारेबाजी के जरिये विरोध जताया व एसई को ज्ञापन सौंपा। सभी ने सीमा पर किसानों को रोकने व दमन करने की निंदा करते हुए आंदोलनकारी किसानों से बातचीत करने की मांग की। किसान सभा के जिला प्रधान प्रीत सिंह, सुरेंद्र मलिक, रामफल देशवाल, रमेश जाखड़ ने संयुक्त रूप से प्रदर्शन की अध्यक्षता की। किसान सभा के राज्य महासचिव सुमित दलाल ने कहा कि बिजली के मुद्दे को लेकर किसान सभा ने उतर हरियाणा बिजली वितरण निगम के कार्यालय पर चार जिलों का संयुक्त धरना दिया। किसान सभा पदाधिकारियों ने कहा कि दिल्ली किसान आंदोलन के बाद केंद्र सरकार ने किसानों को लिखित आश्वाशन दिया था। इसके बिंदु चार में केंद्र सरकार ने स्पष्ट लिखा है कि बिजली बिल में किसान पर असर डालने वाले प्रावधानों पर सबसे पहले स्टेकहोल्डर्स/संयुक्त किसान मोर्चा से चर्चा होगी। मोर्चा से चर्चा के बाद ही बिल को संसद में पेश किया जाएगा। केंद्र सरकार अपने वायदे से मुकरते हुए कानून के प्रावधानों को लागू करना शुरू कर दिया है। इसका उदाहरण स्मार्ट/प्रीपेड मीटर योजना है। इसे बिजली मंत्री प्रदेश में जल्द लागू करने की बात कह रहे हैं। इसकी शुरुआत सरकारी कर्मचारियों से होगी।