संवाद न्यूज एजेंसी रेवाड़ी। बहुउद्देश्यीय स्वास्थ्य कर्मचारी एसोसिएशन (एमपीएचडब्ल्यू) हरियाणा ने अपनी लंबित मांगों को लेकर रविवार, 5 जुलाई को प्रस्तावित रोष प्रदर्शन की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। प्रदर्शन से पहले शनिवार को ट्रॉमा सेंटर में आयोजित प्रेसवार्ता में एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग पर कर्मचारियों की मांगों की लगातार अनदेखी करने का आरोप लगाया। प्रदेश अध्यक्ष शर्मिला देवी, राज्य महासचिव सहदेव आर्य सांगवान तथा राज्य प्रवक्ता संदीप कुंडू ने बताया कि कर्मचारियों की मांगों के समाधान के लिए सरकार और स्वास्थ्य मंत्री को कई बार ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं। स्वास्थ्य मंत्री को पांच स्मरण पत्र भी भेजे गए, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे प्रदेशभर के एमपीएचडब्ल्यू कर्मचारियों में भारी रोष है। उन्होंने बताया कि हजारों कर्मचारी रविवार को रामपुरा हाउस का घेराव करेंगे और मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा। शर्मिला देवी ने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत कार्यरत महिला एमपीएचडब्ल्यू कर्मचारियों को न्यायालय के आदेशानुसार नियमित करने, एफपीएल-6 वेतनमान का लाभ देने, एमसीएच, ड्रेस व यात्रा भत्ता, सेवानिवृत्ति लाभ तथा तबादला नीति लागू करने जैसी कई मांगें लंबे समय से लंबित हैं। मिशन निदेशक कार्यालय द्वारा इन पर कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है, जिससे कर्मचारियों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। एसोसिएशन ने महानिदेशक कार्यालय से संबंधित लंबित मामलों का भी उल्लेख किया। इनमें शहरी क्षेत्रों में आईपीएचएस मानकों के अनुसार पद स्वीकृत कर नियमित भर्ती, पदनाम संशोधन, दो वर्ष का प्रोबेशन पूरा कर चुकी महिला एमपीएचडब्ल्यू कर्मचारियों की पुष्टि, प्रोमोशनल स्केल जारी करना, तबादले खोलना तथा वर्ष 2020-23 की लंबित एलटीसी का भुगतान शामिल है। महासचिव सहदेव आर्य सांगवान और प्रवक्ता संदीप कुंडू ने सरकार से अपील की कि कर्मचारियों की न्यायोचित मांगों का शीघ्र समाधान किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने सकारात्मक कदम नहीं उठाए तो आंदोलन और व्यापक होगा, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। प्रेसवार्ता में जिला प्रधान दिनेश यादव, जिला सचिव जितेंद्र कुमार और जिला कैशियर राहुल दहिया भी मौजूद रहे।