संवाद न्यूज एजेंसी रेवाड़ी। भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के बैनर तले बुधवार को भारत-अमेरिका प्रस्तावित ट्रेड डील के विरोध में शहर में बाइक मार्च निकाला गया। किसान भवन से शुरू हुआ मोटरसाइकिलों का काफिला अग्रसेन चौक, बड़ा तालाब और बावल चौक से होते हुए जिला सचिवालय पहुंचा। यहां किसानों ने सीटीएम जितेंद्र प्रसाद को ज्ञापन सौंपकर केंद्र सरकार से प्रस्तावित ट्रेड डील को रद्द करने की मांग की। यूनियन के जिला प्रधान समय सिंह ने कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील किसान, मजदूर और डेयरी पालकों के हितों के खिलाफ है। उनका आरोप है कि यदि यह समझौता लागू होता है तो विदेशों से आने वाले कृषि उत्पाद और डेयरी उत्पाद घरेलू किसानों के लिए बड़ी चुनौती बन जाएंगे। उन्होंने कहा कि यूनियन इस समझौते का लगातार विरोध करेगी और इसे वापस कराने के लिए आंदोलन जारी रहेगा। समय सिंह ने कहा कि जिस तरह संयुक्त किसान आंदोलन के दौरान तीन कृषि कानूनों को वापस कराया गया था, उसी तरह इस ट्रेड डील को भी वापस करवाने के लिए किसान एकजुट होकर संघर्ष करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि विदेशों से आने वाले कृषि उत्पादों पर कर नहीं होगा, जबकि भारत से निर्यात होने वाले उत्पादों पर कर लागू रहेगा, जिससे देश के किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे पर न तो सत्तारूढ़ दल के नेता खुलकर बोल रहे हैं और न ही विपक्ष अपनी स्पष्ट राय रख रहा है। किसानों की मांगों को लेकर सरकार को गंभीरता से निर्णय लेना चाहिए। यूनियन पदाधिकारियों ने घोषणा की कि 21 जुलाई को दिल्ली स्थित किसान घाट पर बड़ी महापंचायत आयोजित की जाएगी। इसमें आंदोलन की आगामी रणनीति तय की जाएगी और देशभर से किसान इसमें शामिल होंगे। सीटीएम जितेंद्र प्रसाद ने किसानों से ज्ञापन प्राप्त किया और उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी मांगों और सुझावों को सरकार तक पहुंचाया जाएगा। इस अवसर पर ओपी लोहाणा, लोकेश बावल, मुन्नी बूढ़पुर, मोनिका, मास्टर कमल, रोशनलाल दरोगा, वेद सुल्तानिया, अशोक नंबरदार, राजकुमार, कृष्ण कुमार सैनी, मनीषा यादव, सुमन राजपूत सहित बड़ी संख्या में किसान और यूनियन पदाधिकारी मौजूद रहे।