पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह के मार्गदर्शन में शुक्रवार को जिला पुलिस लाइन में पुलिसकर्मियों और उनके परिजनों के लिए एक योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आयुष विभाग के प्रशिक्षकों की देखरेख में पुलिसकर्मियों ने विभिन्न योगासनों और व्यायामों का अभ्यास किया। कार्यक्रम की शुरुआत प्राणायाम से हुई, जिसमें पुलिसकर्मियों को प्राणायाम, ध्यान तकनीकों और विभिन्न योगासनों जैसे ताड़ासन, भुजंगासन, वज्रासन, त्रिकोणासन, कपालभाति और अनुलोम-विलोम का अभ्यास कराया गया। पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह ने भी अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ इन आसनों का अभ्यास किया। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पुलिस सेवा एक चुनौतीपूर्ण कार्य है, जिसमें शारीरिक और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ता है। योग न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है, बल्कि मानसिक तनाव को कम करने और प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने में भी मदद करता है। उन्होंने पुलिसकर्मियों से योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया, ताकि वे स्वस्थ रहकर समाज की बेहतर सेवा कर सकें। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे योग सत्र नियमित रूप से आयोजित करने की बात कही। आयुष विभाग की प्रशिक्षक नीलीमा और आर्ट ऑफ लिविंग के सुरेंद्र गोयल ने पुलिसकर्मियों को प्राणायाम और ध्यान की तकनीकों के बारे में बताया। उन्होंने स्वस्थ रहने के लिए नियमित व्यायाम, संतुलित आहार और पर्याप्त नींद के महत्व पर जोर दिया। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने "योग एक जीवनशैली है, इसे अपनाएं" का संदेश दिया और इस पहल को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया। इस अवसर पर डीएसपी मुख्यालय सतीश वत्स, डीएसपी राजबीर सिंह, डीएसपी नरेंद्र सिंह, डीएसपी सुरेश कुमार सैनी सहित अन्य पुलिस अधिकारी, कर्मचारी और उनके परिजन मौजूद रहे।