पानीपत। समालखा के गढ़ी छाज्जू स्थित प्राचीन सिद्ध श्रीराम मंदिर परिसर में रामायण पर आधारित अनूठे आध्यात्मिक क्विज शो कौन बनेगा ज्ञानरत्न का बुधवार शाम को शुभारंभ और लॉन्चिंग कार्यक्रम किया गया। गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज के पावन सानिध्य में आयोजित इस समारोह में समाज के विभिन्न वर्गों और गणमान्य हस्तियों ने बड़ी संख्या में शिरकत की। समस्त श्रीराम परिवार व जय मां सरस्वती एजुकेशनल सोसाइटी के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सनातन संस्कृति, रामायण के आदर्शों और आध्यात्मिक ज्ञान को युवाओं व भावी पीढ़ी तक पहुंचाना है। समारोह में बतौर मुख्यातिथि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी व्यस्तता के चलते शामिल नहीं हो पाए। इनके अलावा भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता, शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा, पंचायत एवं खनन मंत्री कृष्ण लाल पंवार, राज्यसभा सदस्य संजय भाटिया और अरुणा सिंह, समालखा विधायक मनमोहन भड़ाना, पानीपत शहरी विधायक प्रमोद विज और हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण लाल मिड्ढा भी नहीं पहुंचे। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न संतों और पीठाधीश्वरों की गरिमामयी उपस्थिति ने माहौल को भक्तिमय बना दिया। अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर शो के ऑफिशियल पोस्टर व यूट्यूब चैनल का अनावरण किया। गीता मनीषी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि सनातन परंपरा किसी पर थोपी नहीं है। यह सब उपनिषद के आधार पर है। लोगों की जिज्ञासा को शांत करते हैं। रामायण घर-घर पहुंची हैं। कौन बनेगा ज्ञानरत्न से युवा पीढ़ी को आगे आने का अवसर मिलेगा। इससे देश ही नहीं दूसरे देशों में भी सनातन का प्रचार-प्रसार बढ़ेगा। समाज को अपनी क्षमता को सनातन की मजबूती के आयोजन पर जोर लगाने की जरूरत है।