जिले में जियो फेसिंग हाजिरी के खिलाफ वीरवार को चिकित्सकों ने सांकेतिक उपवास रखा। इस दौरान सुबह नौ से पांच बजे तक उपवास रखा। जिससे मरीजों को दिनभर इलाज के लिए परेशानी का सामना करना पड़ा। जिला नागरिक अस्पताल में सामान्य दिनों में ओपीडी दो हजार के करीब रहती थी। वहीं हड़ताल के कारण वीरवार को ओपीडी 1500 तक हो पाई। करीब सौ मरीज बिना दवा व इलाज के लौटना पड़ा। जिला नागरिक अस्पताल में सुबह से ही चिकित्सक व स्टाफ सांकेतिक हड़ताल पर रहे। हड़ताल में हरियाणा सिविल सर्विसेज के प्रधान डॉ. वीरेंद्र ढांडा, नर्सिंग ऑफिसर की प्रधान सुमन पोडिया, एमपीएचओ एसोसिएशन प्रधान सतबीर सिंह, एलटी अधिकारी एसोसिएशन के प्रधान नरेश जागलान व एनएचएम यूनियन के प्रधान अमित मलिक, ऑपरेशन थियटर यूनियन प्रधान सन्नी और रेडियोग्राफर यूनियन के प्रधान कृष्ण राणा और ऑप्थेल्मिक एसोसिएशन के प्रधान जयदीप राठी, दंत चिकित्सा यूनियन के प्रधान डॉ. ललित रहे। इससे मरीजों को इलाज के लिए धक्के खाने पड़े। जहां सामान्य दिनों में ओपीडी दो हजार के करीब पहुंचती थी। वहीं हड़ताल के कारण ओपीडी भी प्रभावित हुई जिससे वीरवार को ओपीडी 1500 के करीब ही रही। बाकि के मरीजों को दवा व इलाज नहीं मिल पाया। दूसरी तरफ हड़ताल के कारण मरीजों को दो-तीन घंटा का समय पंजीकरण, इलाज व दवा लेने में लगा। फिजिशियन कक्ष के बाहर मरीजों की भीड़ दोपहर दो बजे तक भी कम नहीं हुई। मुखीजा कॉलोनी निवासी रमेश कुमार ने बताया कि वह सुबह आठ बजे बुखार होने पर दवा लेने अस्पताल पहुंचा था लेकिन हड़ताल के कारण उसे पंजीकरण में दस मिनट लगी और इलाज के लिए भीड़ ज्यादा होने से उसे पौना घंटा लाइन में लगना पड़ा। फिर दवा के लिए भी दस मिनट लगी। आदर्श नगर की संतोष देवी ने बताया कि वह अस्पताल में अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए पहुंची थी लेकिन हड़ताल के कारण पहले उसे इंतजार करना पड़ा फिर दो बजे के बाद चिकित्सक के जाने का समय होने से कारण उसे बेरंग ही लौटना पड़ा। चिकित्सकों की हड़ताल मरीजों की मर्ज को बढ़ा रही है। चिकित्सकों की हड़ताल का सीधा असर मरीजों पर पड़ रहा है।