पवित्र सावन माह के बुधवार को शहर और जिले भर के प्रमुख शिव मंदिरों में तड़के से ही श्रद्धालु उमड़ पड़े। तड़के ही मंदिरों में हर-हर महादेव और जय भोलेनाथ' के जयकारें गूंजने लगे। श्रद्धालुओं ने भगवान का जलाभिषेक किया और विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। तड़के पांच बजे से ही मंदिरों के कपाट खुलते ही भक्त जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा, भांग और फल-फूल लेकर दर्शन के लिए जुटने लगे थे। शहर के श्री राधा कृष्ण मंदिर (दत्ता कॉलोनी), श्री सनातन धर्म मंदिर (मॉडल टाउन), सेक्टर-11 स्थित सनातन धर्म शिव मंदिर और प्राचीन देवी मंदिर में सुबह से ही भक्तों की लंबी लाइनें देखने को मिलीं। श्रद्धालुओं ने संपूर्ण विधि-विधान से शिवलिंग का अभिषेक कर विशेष आरती में भाग लिया। मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य भगवत शर्मा ने सावन के बुधवार का विशेष धार्मिक महत्व बताया। उन्होंने कहा कि सावन माह में भगवान शिव की आराधना और जल चढ़ाने से मनवांछित फल की प्राप्ति होती है। बुधवार का दिन विघ्नहर्ता भगवान गणेश का भी माना जाता है, ऐसे में इस दिन शिव परिवार की पूजा करने से जीवन के समस्त कष्ट और विघ्न दूर हो जाते हैं। दिनभर मंदिरों में भजन-कीर्तन का दौर चलता रहा। सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए मंदिर कमेटियों के सेवादार मुस्तैद रहे ताकि श्रद्धालुओं को जलाभिषेक करने में किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।