पानीपत। पवित्र सावन माह के दुर्लभ संयोग में रविवार और एकादशी तिथि एक साथ होने से शहर के प्रमुख मंदिरों में तड़के से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी। श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ और श्री हरि विष्णु का जल, दूध, बेलपत्र व फल-फूल से पूजन कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। तड़के चार बजे से ही मंदिरों के कपाट खुलते ही 'हर-हर महादेव' और जय श्री हरि के जयकारों से पूरा शहर गुंजायमान हो उठा। शहर के मॉडल टाउन स्थित सनातन धर्म मंदिर, ऐतिहासिक देवी मंदिर, राधा कृष्ण मंदिर दत्ता कॉलोनी, शिवपुरी मंदिर और विभिन्न सिद्ध पीठों में सुबह से ही लंबी कतारें देखने को मिलीं। श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर अनुशासित रूप से पूजन-अर्चन किया। आचार्य भगवत शर्मा ने बताया कि सावन का प्रत्येक दिन पवित्र होता है, लेकिन जब रविवार के साथ एकादशी का योग बनता है तो इसका महत्व कई गुना बढ़ जाता है। सावन मास में एकादशी का व्रत रखने से भगवान विष्णु के साथ-साथ भगवान शिव की भी असीम कृपा प्राप्त होती है। वहीं रविवार का दिन सूर्य देव और महादेव की साधना के लिए अत्यंत उत्तम माना गया है। आज के दिन किया गया जलाभिषेक, दान और जप-तप अक्षय पुण्य की प्राप्ति कराता है। कल सावन सोमवार, परसों मनेगी सावन शिवरात्रि रविवार और एकादशी के पावन पर्व के बाद अब शिव भक्तों की नज़रें कल आने वाले सावन के सोमवार और परसों मनाई जाने वाली सावन शिवरात्रि पर टिक गई हैं। शहर के सभी प्रमुख मंदिरों में जलाभिषेक और कांवड़ियों के स्वागत के लिए विशेष तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।