अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव-2024 के तहत आईटीआई मैदान में आयोजित जिला स्तरीय समारोह की कड़ी में दूसरे दिन पुलिस अधीक्षक पूजा वशिष्ठ मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंची। उन्होंने प्रदर्शनी का शुभारंभ करने के बाद अवलोकन किया। गीता पूजन एवं हवन के बाद सेमिनार का शुभारंभ किया। इस मौके पर अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. आनंद कुमार शर्मा भी मौजूद थे। सेमिनार को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक ने कहा कि श्रीमद् भागवत गीता सदियों से मानवता का मार्गदर्शन करती आई है। अध्यात्म और जीवन दर्शन से जुड़ा यह महान ग्रंथ हर युग में पथ प्रदर्शक बना रहेगा। कुरुक्षेत्र से श्री कृष्ण ने गीता का ज्ञान दिया जो आज भी दुनिया को राह दिखा रहा है। उन्होंने कहा कि गीता निष्काम भाव से कर्म करने की सीख देती है। पुलिस के काम में भी भगवान श्री कृष्ण द्वारा कर्म करने का संदेश सहायता करता है। धर्म की स्थापना के लिए कई बार पुलिस को सख्ती दिखानी पड़ती है लेकिन इरादा हमेशा समाज हित रहता है। गीता यही सिखाती है कि अगर आप सही इरादे को लेकर कर्म करेंगे तो कभी परेशानी नहीं आती। गीता का ज्ञान एक संजीवनी बूटी : स्नेह दीदी आईटीआई मैदान में चल रहे तीन दिवसीय गीता महोत्सव के दूसरे दिन प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय से स्नेह दीदी ने अपने व्याख्यान में कहा कि 5 हजार साल पहले श्रीमद् भागवत गीता के ज्ञान की आवश्यकता थी तो आज हमें उससे कहीं अधिक गीता ज्ञान की आवश्यकता है। इसके अलावा आज हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय महेंद्रगढ़ से प्रोफेसर डॉ. दिनेश चहल ने गीता पर अपने व्याख्यान दिए। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे कर्म करते समय कामनाएं ना रखें। इसके अलावा जिओ गीता परिवार से सुरेश कुमार ने अपने व्याख्यान में कहा कि गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज लगातार गीता के ज्ञान को समाज में फैला रहे हैं। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों ने स्टाल लगाकर दी अपनी सेवाएं: अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के जिला स्तरीय कार्यक्रम में विभिन्न विभागों ने स्टाल लगाकर अपनी सेवाएं दी। इस मौके पर बाबा खेतानाथ राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय अस्पताल पटीकरा से प्रकृति परीक्षण के बारे में जानकारी देते हुए डाॅ. अनामिका ने बताया कि प्रकृति परीक्षण आयुर्वेद की एक प्रक्रिया है जिसके जरिए शरीर की प्रकृति का पता चलता है। इस परीक्षण से आपके जवाबों के आधार पर जीवनशैली के सुझाव भी दिए जाते हैं। इसके साथ अनेक विभागों की तरफ से स्टाल लगाकर अपने विभाग की जानकारी दी। सांस्कृतिक टीमों ने गीता थीम पर आधारित दी प्रस्तुति: आईटीआई में चल रहे तीन दिवसीय गीता महोत्सव के दूसरे दिन सर्वोदय हाई स्कूल नारनौल के छात्रों ने गीता का सार, सरस्वती विद्या मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नांगल चौधरी के छात्रों ने ऐसी होली तोहे खिलाऊं, यदुवंशी शिक्षा निकेतन नारनौल के छात्रों ने श्री कृष्ण अर्जुन संवाद, राजवंशी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय दोचाना के छात्रों ने भाषण व सीएल पब्लिक स्कूल नारनौल के छात्रों ने सामूहिक गीत की प्रस्तुति दी। आज सांस्कृतिक संध्या व पारितोषिक वितरण के साथ होगा समापन: तीन दिवसीय जिला स्तरीय गीता समारोह में तीसरे व अंतिम दिन सांस्कृतिक संध्या व पारितोषिक वितरण कार्यक्रम का आयोजन होगा। इसके अलावा चामुंडा देवी मंदिर से आईटीआई तक नगर शोभा यात्रा निकाली जाएगी। गीता महोत्सव के समापन अवसर पर नगर शोभा यात्रा के दौरान विभिन्न धार्मिक व सामाजिक संगठनों द्वारा मनोहारी झांकियां निकाली जाएंगी। ये झांकियां श्रद्धालुओं व धर्म प्रेमियों के आकर्षण का केंद्र रहेंगी।