श्री आदर्श रामलीला कमेटी ने पिछले 55 सालों के दौरान एक टेंट के पर्दे से तीन हजार वर्ग गज में भव्य प्रांगण तक का सफर तय किया है। वहीं पिछले 15 सालों ने भगवान श्रीराम का किरदार निभाने वाले सुरेश गोस्वामी दर्जी का काम करते हैं। मंचन के 13 दिनों के दौरान अन्न का त्याग कर भूमि पर ही सोते हैं। यह संकल्प पिछले 15 सालों से निभाते आ रहे हैं। वहीं रावण का किरदार निभाने वाले शुभम तिवाड़ी एमबीए पास हैं तथा वर्तमान में नोएडा की एक निजी कंपनी में एमडी के पद पर कार्यरत हैं। इस बार 20 सितंबर से दो अक्तूबर तक भगवान श्रीराम की मानवीय लीलाओं का मंचन किया जाएगा। वर्ष 2010 में श्रीआदर्श रामलीला में पहला किरदार श्रीराम का निभाया था। दर्शकों को यह किरदार इतना पसंद आया कि अब 15वीं बार भी रामलीला के मुख्यपात्र भगवान श्रीराम का किरदार निभाने का अवसर मिला है। मंचन के 13 दिनों के दौरान वह अखंड ज्योति जलाते हैं तथा अन्न का ग्रहण नहीं करते, भूमि पर ही अपना बिस्तर लगाते हैं। इस क्रम को 15 सालों से निभाया है। भगवान श्रीराम के आदर्शों को हर घर तक पहुंचाना ही उनका लक्ष्य है। भगवान श्रीराम का किरदार निभाने वाले सुरेश गोस्वामी महज सात साल की उम्र में पहली बार श्रीआदर्श रामलीला में अभिनय किया था। 25 सालों से विभिन्न किरदार निभाए हैं। तीन सालों से रावण का किरदार निभा रहे हैं। एमबीए करने के बाद दो साल पूर्व नोएडा की एक निजी कंपनी में बतौर एमडी तैनात होने के बावजूद भी रामलीला मंचन में किरदार निभा रहे हैं। 13 दिनों के मंचन में अलग-अलग 15 किरदारों में अभिनय किया है। मंचन के दिनों में कंपनी का काम प्रभावित न हो इसके लिए दिन में ही सभी काम निपटाकर रात को अभिनय में भागीदार करते हैं।