साइबर अपराधों पर कड़ा प्रहार करते हुए नारनौल साइबर क्राइम थाना पुलिस ने एक शातिर ठग गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस टीम ने तकनीकी जांच और तत्परता दिखाते हुए बीती रात फरीदाबाद से तीन आरोपी विपिन, कौशल और अजीम खान को गिरफ्तार किया है, जो इंस्टाग्राम पर फर्जी आईडी बनाकर हनी ट्रैप के जरिए लोगों को अपना शिकार बनाते थे। यह गिरोह भोला-भाला चेहरा और मजबूरी की कहानी सुनाकर लोगों की कमाई ठग रहा था। आरोपियों को मंगलवार को न्यायालय में पेश किया गया। नारनौल गांव मंडलाना के रहने वाले एक युवक ने साइबर थाना में शिकायत दर्ज करवाई थी। पीड़ित ने बताया कि इंस्टाग्राम पर लड़की के नाम से एक आईडी से उसकी दोस्ती हुई थी। बातचीत के दौरान सामने वाले ने खुद को कॉलेज छात्रा बताया और ट्रिप फीस कम पड़ने व पिता का फोन न उठाने का बहाना बनाकर पैसों की मांग की। इसके बाद बीमारी और इलाज के नाम पर भी पैसे मांगे गए। इस तरह आरोपियों ने शिकायतकर्ता से कुल 62,490 रुपये ठग लिए। पुलिस ने तुरंत भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की और आरोपियों को दबोच लिया। पुलिस पूछताछ में ठगी का तरीका सामने आया है। गिरफ्तार आरोपी विपिन इंस्टाग्राम पर लड़की की फोटो लगाकर लड़कों से चैट करता था। पीड़ित को विश्वास दिलाने के लिए उसका साथी कौशल लड़की का पिता बनकर फोन पर बात करता था और मजबूरी का नाटक रचता था। ठगी की रकम को ये लोग अपने तीसरे साथी अजीम खान के बैंक खाते में ट्रांसफर करवाते थे। पूछताछ में आरोपियों से पता लगा है कि पहले भी इस तरह की वारदातों को अंजाम दे चुके हैं और दो अन्य शिकायतों में भी उनकी संलिप्तता पाई गई है। इस घटना के माध्यम से महेंद्रगढ़ पुलिस ने आमजन को सचेत किया है कि सोशल मीडिया पर कभी भी अनजान फ्रेंड रिक्वेस्ट, विशेषकर आकर्षक प्रोफाइल फोटो देखकर बिना जांचे स्वीकार न करें।