फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नारनौल रेलवे स्टेशन पर रह रहे 19 मजदूर परिवार ने बताई अपनी व्यथा, चूहे व बिच्छू तक घुस जाते हैं बिस्तरों में...

रेलवे स्टेशन पर पिछले ढाई साल से चल रहे निर्माण कार्य के चलते यहां पर 11 प्रवासी मजदूरों के अस्थाई निवास बने हुए हैं। कमरे ऐसे इंसान सीधा खड़ा भी नहीं हो सकता। पानी की कोई व्यवस्था नहीं और न ही कोई बिस्तर या बिछौना। चूल्हे पर रात को ही एक बार खाना पकता है और वो ही सुबह खाकर काम में लग जाते हैं। थके हारे जब रात को सोना चाहते हैं तो नींद भी पूरी नहीं हो पाती, लेकिन अपने परिवार व बच्चों के लिए ये मजदूर हर परेशानी को झेल रहे हैं। चूल्हे पर खाना पकाती मिली महिलाएं रात करीब साढ़े आठ बजे जब संवाद न्यूज एजेंसी टीम रेलवे स्टेशन पर पहुंची तो रामसिंह व मंगल सिंह दोनों की पत्नी चूल्हे पर खाना पका रही थी। इनके पति भी इन्हीं के पास बैठकर हाथ सेंक रहे थे। उन्होंने बताया कि उनके अलावा यहां पर यूपी व एमपी के 16-17 परिवार और भी हैं। आसपास से करते हैं लकड़ी का जुगाड़ काम के दौरान खाली समय में या काम खत्म करने के बाद ये मजदूर स्टेशन के आसपास से लकड़ी का जुगाड़ करते हैं, ताकि खाना पकाया जा सके। ऐसे में कभी लकड़ी मिलती है और न मिलने की दशा में खरीदकर लानी पड़ती है। बच्चे अपने दादा दादी के पास ही गांव में रहते हैं। रात को लगता है डर यहां रहने वाले मजदूरों ने बताया कि दिन तो आसानी से काम के दौरान निकल जाता है। लेकिन रात बड़ी मुश्किल से गुजरती है। उन्होंने बताया कि रात के समय चूहे तो बिस्तर में घुसते ही हैं और तीन चार बार तो बिच्छू भी बिस्तर में घुस चुके हैं। गनीमत ये रही कि कोई हताहत नहीं हुआ लेकिन इनका डर हमेशा सताता रहता है।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें