नारनौल। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार सुरक्षा मंच ने केंद्र सरकार से व्यापारी कल्याण आयोग के गठन की मांग की है। मंच ने इसे सांविधानिक दर्जा देने और बजट में कोष का प्रावधान करने की अपील की है। इसका उद्देश्य आपातकाल या आपदा में व्यापारियों को मुआवजा देना है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल शरण गर्ग ने कहा कि व्यापारी देश में सर्वाधिक कर भरते हैं। इसके बावजूद वे असुरक्षा के भाव से कारोबार करते हैं। उन्होंने मिलावट करने वालों पर कार्रवाई के साथ निगरानी संस्थाओं की जवाबदेही तय करने पर जोर दिया। गर्ग ने उदाहरण दिया कि हादसों में व्यापारी पर कार्रवाई होती है, जबकि संबंधित विभाग बच निकलते हैं। मंच की चार प्रमुख मांगें हैं। इनमें देश व प्रदेशों में व्यापारी कल्याण आयोग का गठन शामिल है। कर के हिसाब से बुढ़ापा पेंशन और अधिक करदाताओं को राष्ट्रीय सम्मान भी मांगा गया है। आपदा के समय दुकान का कर के आधार पर बीमा भी एक महत्वपूर्ण मांग है। राष्ट्रीय महामंत्री सुरेंद्र चौधरी ने बताया कि मंच का गठन 18 राज्यों में हो चुका है। हर साल एक लाख सक्रिय व्यापारी सदस्य बनाने का लक्ष्य है, जिसमें इस साल 50 हजार सदस्य बनाए गए हैं। हरियाणा में सभी जिला इकाइयां गठित हो चुकी हैं। मंच का लक्ष्य लगभग 30 करोड़ व्यापारियों को एकजुट कर उनके अधिकारों की रक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना है। वर्ष 2028 में दिल्ली में एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसके पूर्व विभिन्न राज्यों में व्यापार सम्मेलन होंगे।