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नारनौल: 62 साल पुराने आईटीआई के भवन व वर्कशॉप को किया कंडम घोषित हरियाणा बनने से पहले 1964 में लगी थी कक्षाएं

संवाद न्यूज एजेंसी नारनौल। 1 नवंबर 1966 को पंजाब प्रांत से अलग कर हरियाणा प्रदेश का गठन किया गया था, लेकिन क्या आप जानते हैं कि महेंद्रगढ़ रोड स्थित राजकीय आईटीआई में पहली बार कक्षाएं 1964 में लगना शुरू हुई थीं, यानी कि हरियाणा बनने के 2 साल पहले ही इस भवन का निर्माण हो चुका था। अब करीब 62 साल बाद इस भवन को कंडम घोषित कर दिया गया है। ऐसे में फिलहाल पीडब्ल्यूडी की ओर से नए भवन व वर्कशॉप का निर्माण करने के लिए एस्टीमेट तैयार किया जा रहा है। एस्टीमेट तैयार हो जाने के बाद अप्रूवल के लिए उच्चाधिकारियों को भेजा जाएगा। 12 ट्रेड होंगी शिफ्ट: पुराने भवन व वर्कशॉप का निर्माण कार्य शुरू होने के दौरान 12 ट्रेड ऐसी हैं, जिन्हें नजदीकी आईटीआई में शिफ्ट किया जाएगा। इन ट्रेड में आरएसी, प्लंबर, डीएमसी, डीएमएम, पेंटर, फिटर, टर्नर, शीट मेटल, पीपीओ, इलेक्ट्रीशियन, वायरमैन व इलेक्ट्रॉनिक्स शामिल हैं। करीब 500 छात्र होंगे प्रभावित: 12 ट्रेड को शिफ्ट करने के दौरान इनमें दाखिला लेने वाले करीब 500 छात्र प्रभावित होंगे, जबकि सबसे ज्यादा समस्या छात्राओं को हो सकती है। दरअसल बच्चों के माता-पिता अक्सर अपने नजदीकी संस्थान में ही बच्चों को दाखिला दिलाना चाहते हैं, ऐसे में नए भवन के निर्माण के दौरान कौनसी ट्रेड को कहां शिफ्ट किया जाएगा, ये तो अभी भविष्य के गर्भ में है, लेकिन इसका खामियाजा बच्चों खासकर छात्राओं को उठाना पड़ सकता है। बॉक्स: गत वर्ष 16 नवंबर को नई अनाज मंडी में एक कार्यक्रम के दौरान सीएम नायब सिंह सैनी ने आईटीआई भवन के निर्माण की घोषणा कर चुके थे। इसके बाद खेल एवं युवा राज्य मंत्री गौरव गौतम 18 अप्रैल को भगवान परशुराम जन्मोत्सव कार्यक्रम में शिरकत करने नारनौल पहुंचे थे। इस दौरान पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में आईटीआई के चेयरमैन सुरेश चौधरी ने भी नए भवन व वर्कशॉप के निर्माण के लिए मांग पत्र सौंपा था। वर्जन: इस सत्र में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे छात्रों को यहीं से पास आउट कराने का प्रयास रहेगा। साथ ही प्रयास रहेगा कि बच्चों की सहूलियत के हिसाब से ट्रेड को नजदीकी आईटीआई में शिफ्ट किया जाएगा और भवन का निर्माण कार्य पूरा होते ही सभी ट्रेड को वापस यहीं शिफ्ट कराया जाएगा। विनोद खनगवाल, प्राचार्य, राजकीय आईटीआई नारनौल।

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