नगर पालिका की ओर से शहर के माजरा चुंगी से फाटक तक सड़क निर्माण तो करा दिया, लेकिन दूषित जल निकासी के लिए नाला बनाना भूल गई। दुकानदारों व लोगों के विरोध के बाद भी यहां पर नालों का निर्माण नहीं किया गया और अब लोग यहां परेशानी झेल रहे हैं। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि नगर पालिका की ओर से डेढ़ साल पहले यहां पर सड़क का निर्माण कराया गया था। इस दौरान दुकानदारों ने सड़क पर नाली बनाने के लिए इस निर्माण का विरोध भी किया और नगर पालिका से सड़क के साथ नालों के निर्माण की मांग की। उस दौरान नगर पालिका अधिकारियों ने बाद में नाला बनाने व डिवाइडर बनाने का आश्वासन दिया। अब हालात ऐसे हैं कि घरों व दुकानों का का पानी सड़क पर आ रहा है और इससे पूरे दिन फिसलन बनी रहती है। राहगीरों, वाहन चालकों और आसपास के दुकानदारों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नतीजतन, आसपास की बस्तियों और दुकानों से निकलने वाला गंदा पानी सीधे सड़क पर फैल रहा है। लेंटर की सड़क होने के कारण फिसल अधिक रहती है और वाहनों के ब्रेक भी नहीं लग पाते हैं। ब्रेक लगाते ही वाहन आगे की ओर फिसल जाते हैं और इससे कई बार दुकानों में घुस जाते हैं। दुकानदारों को मानसिक व आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। पैदल चलने वाले लोगों को मजबूरी में गंदे पानी के बीच से गुजरना पड़ता है, जिससे संक्रमण और बीमारियों का खतरा भी बढ़ रहा है। उधर, गंदा पानी दुकानों के सामने जमा रहने से ग्राहकों की आवाजाही कम हो गई है। नगर पालिका के अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। अक्सर जलभराव वाले स्थानों पर सड़कों की हालत वाहनों की आवाजाही से जर्जर हो जाती है और इसमें सड़क भी रोड़ियां बाहर आने गड्ढे बन जाते हैं। इसके बाद यहीं गड्ढे हादसों का कारण बनते हैं। साथ ही नगर पालिका की अनदेखी सरकार को राजस्व हानि भी पहुंचा रही है।