वैसे तो कोर्ट परिसर के अंदर व बाहर दोनों जगह वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था है, लेकिन इसके बावजूद भी परिसर में खासतौर पर दुपहिया वाहन बेतरतीब खड़े नजर आते हैं। जिससे पैदल चलने में भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। यही नहीं बल्कि लोग जगह न मिलने पर वकीलों के लिए बनाई टीन शेड में भी अपना वाहन घुसा देते हैं। इसी समस्या के मद्देनजर बार एसोसिएशन ने अगस्त माह में नई पार्किंग बनाए जाने की मांग रखी थी और उनकी मांग को जायज मानते हुए प्रशासन ने एक एकड़ भूमि पार्किंग के लिए दे दी है। इंस्पेक्टिंग जज को सौंपा था मांग पत्र पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के जज व जिले के इंस्पेक्टिंग जज संजय वशिष्ठ 1 अगस्त को दौरे पर आए थे। उस दौरान एसोसिएशन ने उनके सामने पार्किंग की समस्या व नई पार्किंग बनाए जाने के लिए मांग पत्र सौंपा था। मांग पत्र पर सहमति जताते हुए इसी दिन संजय वशिष्ठ ने सीटीएम, सेशन जज व एसोसिएशन के प्रधान के साथ मिलकर पार्किंग स्थल का अवलोकन किया था। अब मिली एक एकड़ भूमि अवलोकन के दौरान चकबंदी कार्यालय वाली जमीन पर पार्किंग बनाए जाने पर सभी ने मौखिक सहमति जताई गई थी। इसके बाद 13 सितंबर को जिला प्रशासन की ओर से एक लेटर जारी कर एक एकड़ उक्त भूमि पार्किंग के लिए दे दी गई है। साथ ही लोक निर्माण विभाग के द्वारा चीफ आर्किटेक्ट को पार्किंग की ड्राइंग व ले आउट तैयार करने के लिए भेजा गया है। चार फ्लोर बनेंगे नारनौल में 1007 पंजीकृत वकील हैं और प्रतिदिन कोर्ट में हजारों लोग अपने अपने कार्याें के आते जाते हैं। ऐसे में मल्टी लेयर पार्किंग के तहत 4 फ्लोर बनाए जाएंगे। साथ ही फाउंडेशन ऐसा बनाया जाएगा कि भविष्य में जरूरत पड़ने पर दो फ्लोर और बनाए जा सकें। बार एसोसिएशन ने पार्किंग की डिमांड रखी थी, जिस पर कार्रवाई करते हुए एक एकड़ जमीन मुहैया करा दी गई है। जल्द ही जज, वकीलों व आमजन को मल्टी लेयर पार्किंग की सुविधा मिलेगी। संतोख सिंह यादव, प्रधान, बार एसोसिएशन, नारनौल।