निजामपुर में गेहूं, बाजरा और सरसों जैसी पारंपरिक खेती से हटकर गांव मौसमपुर के एक प्रगतिशील किसान परिवार ने फल और सब्जियों की खेती अपनाकर नई मिसाल कायम की है। किसान सुभाष और उनके पिता मनीराम आज किन्नू बागवानी और सब्जी उत्पादन से अच्छी आमदनी अर्जित कर रहे हैं तथा अन्य किसानों को भी आधुनिक खेती के लिए प्रेरित कर रहे हैं। किसान मनीराम ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2008 में टमाटर, बैंगन, मिर्च और किन्नू की बागवानी की शुरुआत की थी। विभाग की ओर से उन्हें तीन किला जमीन के लिए 15 हजार रुपये की सब्सिडी पर पौधे मिले थे। शुरुआत में तीन एकड़ में 420 किन्नू के पौधे लगाए गए थे। वर्तमान में दो एकड़ में करीब 350 पेड़ों से उत्पादन लिया जा रहा है। एक एकड़ में लगभग 110 पौधे लगाए गए थे। उन्होंने बताया कि एक से तीन एकड़ में किन्नू बागवानी से सालाना डेढ़ लाख से तीन लाख रुपये तक की आय हो जाती है। एक पेड़ पर एक से डेढ़ क्विंटल तक किन्नू फल लगते हैं। किन्नू का बौर अप्रैल माह में आता है और नवंबर तक फल तैयार हो जाते हैं। फिलहाल तेज धूप के कारण दो एकड़ में 220 पेड़ सुरक्षित रूप से खड़े हैं। किसान मनीराम ने कहा कि किसान यदि पारंपरिक खेती के साथ अमरूद, किन्नू व अन्य फलों की बागवानी अपनाएं तो उन्हें बेहतर मुनाफा मिल सकता है। बागवानी खेती कम जमीन में भी अच्छी आय देने का माध्यम बन रही है।