प्रथम विराट पंचकुंडीय श्री रुद्र महायज्ञ के प्रथम दिन सोमवार को श्याम मंदिर ग्राम पटीकरा से यज्ञ स्थल श्री तेजादास आश्रम पटीकरा तक भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया। सर्वप्रथम यज्ञाचार्य क्रांति निर्मल शास्त्री व अन्य ब्राह्मणों द्वारा स्वस्तिवाचन, संकल्प व वरुण सूक्त का पाठ करके कलशों की पूजा करवाई। उसके बाद महंत नंदकिशोर दास महाराज की अगुवाई में कलश यात्रा प्रारंभ की गई। 101 महिलाओं ने अपने सिर पर पवित्र कलश को धारण कर ढोल नगाड़ों की धुन पर नाचते हुए कलश यात्रा को पूर्ण किया। यज्ञाचार्य निर्मल शास्त्री ने बताया कि इस मनोकामना पूर्ति महायज्ञ में कलश उठाने से अनंत फल की प्राप्ति होती है। कल से विधिवत यज्ञ का प्रारंभ किया जाएगा।