शहर में बुधवार को सुबह साढ़े 9 बजे अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। इसमें तहसीलदार अजय दो पुलिकर्मियों और नगर पालिका टीम के साथ बाजार में उतरी। यहां पर तहसीलदार के मसानी चौक से परशुराम चौक तक सीढि़यां हटाने के आदेश पर जब टीम सीढि़यां हटाने लगी तो दुकानदार भड़क गए और तहसीलदार का घेराव कर दिया। घेराव के बाद तहसीलदार अभियान को बीच में ही स्थगित कर वापस कार्यालय लोट गए। बता दें कि तहसीलदार की ओर से दुकानों के बाहर लगी सीढियां ओर नालियों पर रखी पत्थर की टेल हटाने के लिए काम शुरू किया और तीन दुकानदारों के 20 हजार रुपये का चालान किया। इसके बाद दुकानदारों ने सीढियां हटाने के बाद चढ़ने और उतरने में समस्या बताई। फिर तहसीलदार नहीं माने और चालान करवा दिया। इसके परशुराम चौक पर पहुंचते ही दुकानदारों का गुस्सा आसमान छूने लगा और तहसीलदार का घेराव कर नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान पुलिसकर्मियों की कमी नजर आई और पुलिस बल के लिए फाेन किया गया। करीब सवा दस बजे पुलिस को फोन किया और साढ़े 10 बजे पुलिस टीम मौके पर पहुंची। तब तक दुकानदार तहसीलदार का घेराव करते हुए चले और सब्जी मंडी तक पहुंचते ही पुलिसकर्मी पहुंचे। यहां पर अभियान स्थगित किया गया और तहसीलदार व नपा टीम अपने कार्यालय लौट गए।