हरियाणा कर्मचारी महासंघ से संबंधित ऑल हरियाणा पीडब्ल्यूडी मैकेनिकल कर्मचारी यूनियन के बैनर तले मंगलवार को जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी परिमंडल कार्यालय नारनौल के सामने कर्मचारियों ने रोष प्रदर्शन किया। सरकार ग्रामीण जलघरों को ग्राम पंचायतों के अधीन करने का फैसला ले रही है, जिसका संगठन पुरजोर विरोध कर रहा है। इसके बाद मुख्यमंत्री के नाम अधीक्षक अभियंता के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया। प्रदर्शन की अध्यक्षता जिला प्रधान सुभाष यादव ने की, जबकि मंच संचालन प्रांतीय प्रचार सचिव एवं शाखा प्रधान सुरेंद्र फौजी ने किया। प्रदर्शन में मुख्य वक्ता के रूप में प्रांतीय प्रधान नरेंद्र धीमान, प्रांतीय महासचिव अमरीक सिंह चट्ठा और प्रांतीय मुख्य संगठनकर्ता रविंद्र फौजी मौजूद रहे। नेताओं ने कहा कि सरकार ग्रामीण जलघरों को ग्राम पंचायतों के अधीन करने का फैसला ले रही है, जिसका संगठन पुरजोर विरोध करता है। उन्होंने कहा कि पहले भी पंचायतों को जलघर सौंपे गए थे, लेकिन रखरखाव और पानी की गुणवत्ता बनाए रखने में पंचायतें विफल रही थीं। कर्मचारी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने निर्णय वापस नहीं लिया तो 26 मई तक प्रदेशभर में ज्ञापन अभियान पूरा करने के बाद 11 जून को जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा के हिसार स्थित आवास का घेराव किया जाएगा। कर्मचारियों ने डब्ल्यूपीओ सेकेंड व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को तृतीय श्रेणी में पदोन्नति पर 25,500 वेतनमान देने, 2020-23 ब्लॉक की एलटीसी जारी करने, पुरानी पेंशन बहाल करने, कैशलेस मेडिकल सुविधा लागू करने और कौशल कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा देने की मांग भी उठाई। इस दौरान बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।