सरस्वती बोर्ड के वाइस चेयरमैन धूमन सिंह किरमच ने जानकारी दी कि पीपली से ज्योतिसर तक के प्रोजेक्ट का टेंडर हो चुका है और इसी महीने इस पर कार्य शुरू कर दिया जाएगा। 29 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह प्रोजेक्ट पिछली मनोहर सरकार द्वारा पास किया गया था, जिसे अब नायब सैनी सरकार पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। सरस्वती नदी को एक ओर से पक्का किया जाएगा और उसके ऊपर से रास्ता भी बनाया जाएगा, जिससे नदी की कैपेसिटी बढ़ेगी। 19 किलोमीटर लंबी ड्रेन, जो गंदे पानी के लिए बनाई गई थी, उसे रेलवे लाइन के नीचे से खोल दिया गया है। पहले यह ड्रेन पूरी तरह से चोक थी, लेकिन अब इसमें गंदे पानी को डायवर्ट किया जा रहा है, जिससे सरस्वती में स्वच्छ जल प्रवाहित होगा। यमुनानगर जिले में 350 एकड़ में बनने वाले सरस्वती सरोवर का कार्य शुरू हो चुका है, जो बरसात के पानी को स्टोर कर सरस्वती नदी में स्वच्छ जल प्रवाह सुनिश्चित करेगा। जनता से सहयोग की अपील धूमन सिंह किरमच ने कहा कि सरस्वती नदी को स्वच्छ बनाए रखने के लिए जनता का सहयोग आवश्यक है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे सरस्वती में गंदगी न डालें और स्वच्छता बनाए रखें। सरस्वती बोर्ड द्वारा एक पदयात्रा मार्ग विकसित करने की योजना भी बनाई जा रही है, जिससे धार्मिक और पर्यटक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इस प्रोजेक्ट में स्थानीय नागरिकों की भागीदारी को भी सुनिश्चित किया जाएगा, क्योंकि सरस्वती शहर के बीच से होकर गुजरती है।