धर्मनगरी के ब्रह्मसरोवर में शनिवार को भाद्रपद माह की अमावस्या पर श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। सुबह ब्रह्ममुहूर्त से ही स्नान, दान और तर्पण के लिए भक्तों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। पुरुषों ने पितरों के निमित्त तर्पण कर पुण्य अर्जित किया, वहीं महिलाओं ने पति और संतान की लंबी उम्र व सुख-शांति के लिए व्रत रखा और शिव मंदिरों में जलाभिषेक किया। ब्रह्मसरोवर के पावन जल में डुबकी लगाने के बाद श्रद्धालु प्राचीन मंदिरों में पूजा-अर्चना को पहुंचे। चारों ओर हर हर महादेव और ओम नमः शिवाय के जयघोष गूंजते रहे। ज्योतिषाचार्य ने बताया कि इस अमावस्या का विशेष महत्व इसलिए है क्योंकि यह पितृपक्ष की शुरुआत मानी जाती है और इससे जुड़े कर्म करने से पितृ प्रसन्न होते हैं। अमावस्या इस बार विशेष संयोगों के साथ आई है, जो शनैश्चरी अमावस्या होने के कारण और भी अधिक फलदायी मानी जा रही है।