कुरुक्षेत्र में पिछले कुछ समय से जारी बूंदाबांदी ने अनाज मंडियों में खुले आसमान के नीचे रखे करीब 5.30 लाख क्विंटल गेहूं को जोखिम में डाल दिया है। प्रशासनिक लापरवाही के चलते गेहूं के उठान में देरी हो रही है, जिससे किसानों की मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है। जानकारी के अनुसार, इस सीजन में अब तक 55 लाख क्विंटल गेहूं की खरीद हो चुकी है, लेकिन मंडियों से इसका समय पर उठान नहीं हो पा रहा। बूंदाबांदी के कारण गेहूं भीगने का खतरा बढ़ गया है, जिससे न केवल गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है, बल्कि किसानों को आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ सकता है। किसानों का कहना है कि मंडियों में गेहूं को ढकने के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं। उठान की धीमी गति के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर सवाल उठ रहे हैं। किसान संगठनों ने प्रशासन से तत्काल उठान प्रक्रिया तेज करने और गेहूं को सुरक्षित करने के लिए उचित कदम उठाने की मांग की है। जिला प्रशासन ने दावा किया है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है और जल्द ही उठान प्रक्रिया को गति दी जाएगी। हालांकि, मौसम की अनिश्चितता के बीच किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है।