धर्मनगरी के फूड मार्केट और स्ट्रीट फूड हब में अब चूल्हे ठंडे पड़ रहे हैं। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और भारत सरकार के घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने के फैसले के चलते कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति तीन से चार दिन से प्रभावित हो रही है। इसका सबसे ज्यादा असर छोटे रेहड़ी-पटरी वालों पर पड़ रहा है, जहां पांच से अधिक ठेले-रेहड़ियां बंद हो चुकी हैं और बाकी संचालकों के पास सिर्फ दो दिन का स्टॉक बचा है। शहर के प्रमुख फूड जोन कहे जाने वाले सेक्टर 17 की फूड मार्किट, रेलवे स्टेशन, कुवि के कैंटीन संचालकों व अन्य भीड़-भाड़ वाले इलाकों में चाय व फास्ट फूड बेचने वाले वेंडर अब संकट में हैं। गैस एजेंसियों से नए सिलेंडर नहीं मिल रहे, जबकि ब्लैक में भी दाम आसमान छू रहे हैं। कई वेंडर घरेलू सिलेंडर इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन यह अवैध होने के साथ ही जोखिम भरा भी है। स्थानीय रेहड़ी संचालकों ने बताया कि संकट गहराने से उनकी रोजी-रोटी पर सीधा असर पड़ रहा है।