कुरुक्षेत्र। सुबह से ही कैंडल मार्च की तैयारी में जुटे कांग्रेस कार्यकर्ता केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा देने के बाद जश्न मनाने के लिए सड़कों पर उतर आए। कार्यकर्ताओं ने न केवल शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को देश की जनता व छात्रों की जीत करार दी बल्कि भाजपा सरकार को भी जमकर घेरा, जिसके साथ ही कार्यकर्ताओं ने विजयी जुलूश भी निकाला और जमकर नारेबाजी की। पार्टी जिलाध्यक्ष मेवा सिंह की अगुवाई में कार्यकर्ता शाम करीब साढ़े छह बजे अग्रवाल धर्मशाला नजदीक रेलवे स्टेशन पर एकत्रित हुए, जहां थानेसर विधायक अशोक अरोड़ा, शाहाबाद विधायक रामकरण काला, पिहोवा विधायक मनदीप चट्ठा सहित सैंकड़ों कार्यकर्ताओं ने जंतर-मंतर प्रकरण के चलते केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर खुशी जाहिर की और कहा कि जनहित के इस मुद्दे पर कांग्रेस ने अपनी अहम भूमिका निभाई। भाजपा सरकार को शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के लिए मजबूर कर दिया। इससे सरकार को सीख लेने की जरूरत है कि जनहित के मुद्दों पर राजनीति न करें। जनहित को सरकार अपने अहम से सर्वेापरी रखे। विधायक अशोक अरोड़ा ने कहा कि भाजपा सरकार को पहले तीन काले कृषि कानूनों को लेकर बैकपुट पर आना पड़ा था लेकिन इससे पहले अनेक किसानों को अपनी जान गवांनी पड़ी। अब नीट जैसी परीक्षाओं के लीक होने के मामले पर संघर्ष कर रहे अनेक छात्रों को भी अपनी जान गंवानी पड़ी तो लाठियां भी खाई। सरकार को ऐसे हालात बनाने के लिए पहले किसानों और फिर छात्रों को मजबूर किया। जिलाध्यक्ष मेवा सिंह ने कहा कि इन शिक्षा मंत्री के इस्तीफे से प्रदेश सरकार भी सीख लें। उन्होंने आरोप लगाए कि आज प्रदेश का हर वर्ग सड़क पर उतरा हुआ है और सरकार उन्हें दरकिनार कर रही है। सरकार हर वर्ग के लोगों को इस तरह के संघर्ष करने को मजबूर कर रही है। सरकार जनहित के लिए काम करें तो प्रदेश व देश तेज गति से आगे बढ़ पाएगा।