कुरुक्षेत्र। अपनी मांगों को लेकर राज्य स्तरीय महापड़ाव कर रही मिड-डे मील वर्कर्स मंगलवार को नई अनाज मंडी से पैदल मार्च करते हुए लघु सचिवालय पहुंचीं। यहां बड़ी संख्या में महिला कर्मचारी डीसी कार्यालय के बाहर डट गईं। इसके बाद पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की जिला उपायुक्त से करीब 40 मिनट तक वार्ता हुई। बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मिड-डे मील वर्कर्स की लंबित मांगों को प्रमुखता से उठाया। वार्ता के बाद यूनियन नेताओं ने बताया कि जिला उपायुक्त ने मुख्यमंत्री के साथ उनकी मुलाकात कराने का आश्वासन दिया है, ताकि मांगों को सीधे सरकार के सामने रखा जा सके। इससे पहले प्रदेश के विभिन्न जिलों से आईं मिड-डे मील वर्कर्स नई अनाज मंडी में एकत्रित हुईं। महापड़ाव के बाद कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लघु सचिवालय तक पैदल मार्च निकाला। मार्च के दौरान कर्मचारी अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाते रहे। यूनियन नेताओं ने कहा कि वे लंबे समय से 26 हजार रुपये न्यूनतम वेतन, पूरे 12 महीने का वेतन, नियमितीकरण, सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष करने, बकाया भुगतान और अन्य मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदेशभर से पहुंचीं मिड-डे मील वर्कर्स राज्य स्तरीय महापड़ाव में कुरुक्षेत्र, करनाल, हिसार, भिवानी, जींद, नरवाना, नारनौल समेत कई जिलों से बड़ी संख्या में मिड-डे मील वर्कर्स शामिल हुईं। सुबह से ही बसों और अन्य वाहनों के माध्यम से महिला कर्मचारी नई अनाज मंडी पहुंचती रहीं।