एंड्योरेंस ट्रायथलॉन इवेंट में जिले के धावक राहुल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए निर्धारित समय में इस प्रतियोगिता को पूरा किया। इस प्रतियोगिता में राहुल ने पहले दिन 10 किलोमीटर ओशन स्विमिंग (समुद्र में तैराकी) और 145 किलोमीटर साइकिलिंग, दूसरे दिन 275 किलोमीटर साइकिलिंग और तीसरे दिन 84.4 किलोमीटर की दौड़ पूरी की। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर करनाल स्ट्राइड्स की टीम ने उन्हें सम्मानित किया। राहुल ने बताया कि वह इससे पहले भी अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा दिखा चुके हैं। वह जैसलमेर की 100 किलोमीटर अल्ट्रा मैराथन और थाईलैंड अल्ट्रा ट्रेल (57 किलोमीटर) सहित कई बड़ी प्रतियोगिताओं में भाग ले चुके हैं। राहुल ने कहा कि उन्हें बेहद दुख होता है जब वे युवाओं को घंटों मोबाइल पर गेम खेलते हुए देखते हैं। आज के दौर में फिट रहना बेहद जरूरी है और इसके लिए युवाओं को मोबाइल गेमिंग की दुनिया से बाहर निकलकर आउटडोर खेलों की तरफ ध्यान देना चाहिए। खेल केवल शरीर को स्वस्थ नहीं रखते, बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास और संघर्ष करने की ताकत भी सिखाते हैं। उन्होंने आगे कहा कि मोबाइल की बढ़ती लत युवाओं को शारीरिक और मानसिक रूप से कमजोर बना रही है, जिससे कई तरह की बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। राहुल ने युवाओं से अपील की कि वे अपने स्वास्थ्य के प्रति गंभीर हों, नियमित व्यायाम करें, दौड़ें, साइकिलिंग करें या किसी भी आउटडोर खेल से जुड़ें। इससे न केवल वे स्वस्थ रहेंगे, बल्कि अपने जिले, प्रदेश और देश का नाम भी रोशन कर सकेंगे। डॉ. बलबीर विर्क ने कहा कि राहुल की इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने न केवल करनाल बल्कि पूरे भारत का गौरव बढ़ाया है। वहीं समाजसेवी प्रवेश गाबा ने बताया कि राहुल की मेहनत, अनुशासन और समर्पण युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।