पिछले दो दिन से पड़ रहे घने कोहरे के बीच ट्रेनों की रफ्तार भी कम हुई। इसके साथ ही बसें भी देरी से चल रही है। शनिवार को कुरुक्षेत्र से जींद जाने वाली ट्रेन साढ़े तीन घंटे की देरी से चली। बता दें कि कोहरे के बीच ट्रेनों की रफ्तार कम होने से यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस दौरान जहां कुरुक्षेत्र से कैथल आने वाले यात्रियों को परेशानी हुई। इसके साथ ही कैथल से जींद जाने वाले यात्रियों को भी काफी घंटों तक इंतजार करना पड़ा। एक तरफ जहां रोडवेज की बसों सहित अन्य बसों की कोहरे के बीच देरी से चल रही हैं। वहीं, रोडवेज की बसों को में भी रिफ्लेक्टर नहीं लगाए गए। अधिकारियों का दावा है कि रिफ्लेक्टर लग गए हैं। कोहरे के मौसम में रोडवेज की बसों में फॉग लाइट और रिफ्लेक्टर लगाना जरूरी होता है, लेकिन हाल ही में कैथल डिपो में पहुंची 48 बीएस तीन तकनीक बसों में फाॅग लाइट नहीं है। इसके साथ ही अधिकतर बसों में रिफ्लेक्टर तक नहीं लगाए गए है। इससे सड़क दुर्घटनाओं के बढ़ने की संभावनाएं अधिक रहेंगी। बसों में रिफ्लेक्टर और फॉग लाइट न लगाने के मामले पर बस अड्डा के यातायात प्रभारी विरेंद्र पाल स्वामी ने बताया कि अधिकतर बसों में फॉग लाइट व रिफ्लेक्टर लगवा दिए गए हैं। यदि किसी बस में लगनी बाकी है तो उन बसों में जल्द लगवा दिए जाएंगे। स्टेशन अधीक्षक नरेंद्र शर्मा ने बताया कि शनिवार को शुक्रवार से भी अधिक कोहरा था। इस कारण कुरुक्षेत्र से जींद और जींद से कुरुक्षेत्र जाने वाली ट्रेन काफी देरी से चली। शर्मा ने बताया कि कोहरे के कारण ही ट्रेनें देरी से चलती है।