डॉक्टरों की दूसरे दिन की हड़ताल के चलते जिला के नागरिक अस्पताल में अल्ट्रासाउंड के लिए आए मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। हड़ताल के कारण एक भी अल्ट्रासाउंड नहीं हो पाया। जबकि रोजाना 20 के करीब होते हैं। इससे महिलाओं और अन्य को निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ा। अस्पताल में अल्ट्रासाउंड करवाने वाले मरीजों को डॉक्टर नहीं मिले। जब उन्होंने स्टाफ से पूछा, तो स्टाफ की ओर से कहा गया कि आज डॉक्टर छुट्टी पर हैं। जब उन्होंने से पूछा कि कल आएंगे या नहीं, तो स्टाफ ने जवाब दिया कि इस बारे में वे कुछ नहीं कह सकते। जिले के करीब 42 डॉक्टर हड़ताल पर रहे। इन सभी डॉक्टरों ने ओपीडी, ऑपरेशन व स्वास्थ्य संबंधित अन्य कार्य नहीं किए। पहले दिन की तरह करनाल कल्पना चावला अस्पताल से डॉक्टरों को बुलाकर मरीजों का इलाज करवाया गया। वहीं इमरजेंसी सेवाएं और ऑपरेशन भी रोजाना की तरह किए गए। अस्पताल में किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो, उसके लिए पुलिस की टीम भी तैनात रही। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के जिला प्रधान डॉक्टर ललित जांगड़ा ने बताया कि वे अपनी मांगों को लेकर काफी समय से संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी मांगों की तरफ ध्यान नहीं दे रही है। हालांकि पहले सरकार को कई बार चेतावनी भी दी गई, लेकिन कोई समाधान नहीं किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने एसएमओ की सीधी भर्ती रोकने संबंधी संशोधन पर सहमति जताई थी, लेकिन संशोधित एसीपी संरचना की अधिसूचना पर कोई आश्वासन नहीं मिला। डॉक्टरों की दो मांगों में से केवल एक मांग मानी गई, जिस पर उन्होंने यह हड़ताल करने का निर्णय लिया है।