भिवानी की शिक्षिका मनीषा हत्याकांड को लेकर उचाना में मंगलवार को सैकड़ों विद्यार्थी और नौजवान सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने मनीषा के हत्यारों को फांसी की सजा देने की मांग करते हुए नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारी फायर ब्रिगेड कार्यालय के पास मंडी में एकत्र हुए और वहां से उपमंडल कार्यालय तक नारेबाजी करते हुए पहुंचे। उनके हाथों में "मनीषा को इंसाफ दो" और "हत्यारों को फांसी दो" जैसे नारे लिखी तख्तियां थीं। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकार "बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ" का नारा तो देती है, लेकिन कड़वी सच्चाई यह है कि हरियाणा में बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। विनोद कुमार ने कहा, "आज मनीषा के साथ यह हुआ, कल किसी और बेटी के साथ हो सकता है। इस हत्याकांड के दोषियों को कड़ी सजा दी जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।" उन्होंने पुलिस की जांच पर सवाल उठाते हुए कहा कि पहले इसे हत्या बताया गया, अब आत्महत्या का मामला कहा जा रहा है। "पांच दिन बाद सुसाइड नोट कैसे मिला? कीटनाशक दवा की बात अब क्यों सामने आई? यह साफ तौर पर हत्या का मामला है।"छात्रा कल्पना ने गुस्सा जाहिर करते हुए कहा, "मनीषा की गर्दन कटी थी, आंख और किडनी निकाली गई थी। क्या कोई लड़की खुद ऐसा करेगी? सुसाइड नोट की लिखावट की जांच होनी चाहिए। हत्या के मामले बढ़ रहे हैं, लेकिन सरकार कोई सख्त कानून नहीं बना रही। पुलिस ने शुरू में शिकायत तक दर्ज नहीं की।" उन्होंने मांग की कि दोषियों का पता लगाकर उन्हें कड़ी सजा दी जाए और नए कानून बनाए जाएं ताकि रेप की घटनाएं कम हों। सवेता ने कहा, "हरियाणा में यह पहला मामला नहीं है। सरकार और पुलिस जागरूक नहीं हैं। पुलिस चाहे तो एक दिन में दोषियों को पकड़ सकती थी, लेकिन एक हफ्ते से ज्यादा समय बीत गया और कोई कार्रवाई नहीं हुई।" अंकित उचाना खुर्द ने कहा, "मनीषा के साथ जो हुआ, वह दिल दहलाने वाला है। महिला आयोग की अध्यक्ष तक घटनास्थल पर नहीं पहुंची। यह नारा 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' सिर्फ एक नारा बनकर रह गया है।" नगर पालिका चेयरमैन विकास काला ने कहा, "लायब्रेरी और कॉलेजों के विद्यार्थियों ने शांतिपूर्वक प्रदर्शन किया। प्रशासन इस मामले में लीपापोती कर रहा है। लड़की कई दिनों से लापता थी, लेकिन प्रशासन ने कोई सुध नहीं ली।" उन्होंने गुरुग्राम के एक पुराने मामले का जिक्र करते हुए कहा कि वहां भी शुरू में ड्राइवर को दोषी ठहराया गया था, लेकिन बाद में स्कूल का ही छात्र दोषी निकला। "पुलिस अधिकारियों को सस्पेंड करना काफी नहीं, गहराई से जांच होनी चाहिए और असली हत्यारों को सजा दी जानी चाहिए।"प्रदर्शनकारियों ने नायब तहसीलदार को सौंपे ज्ञापन में मांग की कि मनीषा के हत्यारों को फांसी दी जाए और मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई को सौंपा जाए। साथ ही, पुलिस की लापरवाही की भी जांच की मांग की गई। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि उनकी मांगों पर विचार किया जाएगा।नोट: इस समाचार में वीडियो सामग्री शामिल नहीं की जा सकती। कृपया स्थानीय समाचार चैनलों या सोशल मीडिया पर उचाना के प्रदर्शन से संबंधित वीडियो फुटेज देखें।