हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन के राज्य कमेटी के आह्वान पर सोमवार को नए बस स्टैंड पर कर्मचारियों ने भूख हड़ताल की। यह भूख हड़ताल सुबह नौ से चार बजे तक की गई। इसमें राज्य कैशियर सुशील ईक्कस, राज्य सदस्य जयबीर तालु, सुरेंद्र पालवा, जींद ब्लाक उपप्रधान कर्मवीर घोघड़ियां, जिला उपप्रधान रमेश भैणी ने हिस्सा लिया। इस दौरान डिपो प्रधान देवेंद्र घोड़ेला ने कहा कि सरकार ने प्राइवेट बस मालिकों को कोरोना काल में घर में खड़ी बसों को 50 करोड़ रुपये की राशि राहत के तौर पर दी थी। जबकि रोडवेज कर्मचारियों ने प्रवासी मजदूरों को यूपी, बिहार, झारखंड, उतरा खंड राज्यों में अपनी और अपने परिवार की चिंता दूर कर कोरोना जैसे बीमारी के दौरान काम किया उन कर्मचारियों को जोखिम भत्ता देना तो दूर 18 माह का महंगाई भत्ता तक सरकार डकार गई है। रोडवेज कर्मचारी को दस वर्षों से दीपावली पर दिया जाने वाला बोनस नहीं मिला है। कपड़ा धुलाई भत्ता बंद कर दिया है। उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद भी कर्मशाला कर्मचारी को तकनीकी वेतनमान से वंचित रखा गया है। रोडवेज कर्मचारी की छुट्टी में कटौती कर दी गई है। कर्मशाला के कर्मचारियों को मिलने वाले राजपत्रित अवकाश देने बंद कर दिए हैं। चालक- परिचालकों को दिए जाने वाले ओवर टाइम में कटौती कर दी है। लंबे समय से रात्रि ठहराव का भुगतान नहीं किया गया है। कर्मचारियों के बीमारी बिल समय पर नहीं दिए जा रहे हैं। कर्मचारियों ने कहा कि यदि सरकार बातचीत कर समाधान नहीं करती है तो 22 फरवरी 2026 को रोडवेज कर्मचारी भारी संख्या में शामिल होकर अंबाला में परिवहन मंत्री आवास का घेराव करने से पीछे नहीं हटेंगे। इस अवसर पर सुनील धौड़ी, राजेंद्र शर्मा, रामनिवास, नरेंद्र सरदार, धर्मवीर, दिलबाग, पवन, प्रवीण, सुरेंद्र, वीरेंद्र, विनोद मौजूद रहे।