रानी तालाब पर मंगलवार को विभिन्न जन संगठनों के बैनर तले मजदूरों और किसानों ने प्रदर्शन किया। सीटू, किसान सभा, इंटक और रिटायर्ड कर्मचारी संघ के कार्यकर्ताओं ने लेबर कोड्स की प्रतियां फूंकी। संगठनों ने डीसी के माध्यम से राष्ट्रपति, मुख्यमंत्री व श्रम मंत्री को अपनी मांगों का ज्ञापन भेजा। प्रदर्शनकारियों ने मानेसर में शांतिपूर्वक आंदोलन कर रहे मजदूरों पर हुए लाठीचार्ज और धारा 163 लागू करने की निंदा की। उन्होंने गिरफ्तार 55 मजदूरों को रिहा करने और घायलों के मुफ्त इलाज की मांग की। मजदूर नेताओं रमेश चंद्र और संदीप जाजवान ने कहा कि सरकार द्वारा घोषित 15,200 रुपये का वेतन नाकाफी है। उन्होंने मांग की कि 29 दिसंबर 2025 को कमेटी द्वारा सर्वसम्मति से पारित 23,196 रुपये के न्यूनतम वेतन के प्रस्ताव को तुरंत लागू किया जाए। ज्ञापन के माध्यम से संगठनों ने औद्योगिक दुर्घटनाओं में मृतकों के आश्रितों को 50 लाख रुपये मुआवजा देने, लेबर कोड्स वापस लेने और सफाई कर्मचारियों की मांगों के समाधान पर जोर दिया। मास्टर बलबीर सिंह और धर्मबीर लोहान ने चेतावनी दी कि यदि सरकार मांगें पूरी नहीं कीं, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस अवसर पर विक्रम सिंह, सतबीर और श्रमिक नेता मौजूद रहे।