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जींद: मजदूरों और कर्मचारियों ने केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ किया प्रदर्शन

केंद्र और राज्य सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ बुधवार को लघु सचिवालय में मजदूरों, सेवारत कर्मचारियों और रिटायर्ड कर्मचारियों ने एकजुट होकर काला दिवस मनाया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर धरना दिया। प्रदर्शन की अध्यक्षता संयुक्त रूप से संजीव ढांडा, कॉमरेड रमेश चंद्र, सतबीर और सतीश बड़ौदा ने की, जबकि मंच का संचालन सीटू नेता कॉमरेड कपूर सिंह द्वारा किया गया। वक्ताओं ने सरकार पर श्रमिक वर्ग के अधिकारों को कुचलने का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगों में चार नए लेबर कोड्स को रद्द कर पुराने श्रम कानूनों को बहाल करना, मनरेगा योजना को उचित बजट के साथ पूरी तरह लागू करना और ग्रामीण विरोधी योजना को तुरंत वापस लेना शामिल रहा। इसके अलावा, रिटायर्ड कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन बहाली और अपनी अन्य लंबित मांगों को उठाया। सीटू नेता कॉमरेड कपूर सिंह ने कहा कि आज समाज का हर वर्ग चाहे वह मजदूर हो, कर्मचारी हो या बुजुर्ग सड़कों पर उतरने को मजबूर है। उन्होंने कहा कि यदि ज्ञापन में दी गई मांगों पर संज्ञान नहीं लिया गया, तो इस आंदोलन को गांव-गांव और गली-गली तक फैलाया जाएगा। उन्होंने डीसी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर सर्व कर्मचारी संघ के जिला सचिव सन्नी डागर, ब्लॉक प्रधान मंदीप नेहरा, जन संघर्ष मंच के नेता पाल सिंह, रिटायर्ड कर्मचारी संघ के जिला प्रधान विक्रम सिंह और बिजली कर्मचारी नेता धर्मबीर, सुरेश करसोला, सुधीर शास्त्री और अमरजीत ढांडा कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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