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जींद: जाट धर्मशाला के चुनाव को लेकर समाज में रार

जाट धर्मार्थ सभा के चुनाव को लेकर समाज में रार पैदा हो चुकी है। एडहाक कमेटी ने 10 अगस्त को चुनाव करवाना निर्धारित किया है। इस बीच जाट धर्मार्थ सभा के पूर्व प्रधान देवव्रत ढांडा और पूर्व कार्यकारिणी के कुछ सदस्यों ने चुनाव पर आपत्ति जताते हुए एडहाक समिति पर सवाल उठाए थे। अब इनेलो के जिला प्रधान बिजेंद्र ढांडा भी चुनाव के विरोध में उतरे हैं। एडहाक समिति सदस्य किताब सिंह भनवाला ने कहा कि उन्होंने एक भी वोट नहीं काटा। क्योंकि सोसायटी एक्ट के अनुसार एडहाक कमेटी के पास वोट काटने या जोड़ने का कोई अधिकार नहीं है। कॉलेजियम को मार्च 2018 में ही मंजूरी मिल गई थी, जिन सदस्यों ने अपनी केवाइसी करवा ली था, उन्हें मतदाता सूची में जोड़ दिया गया था। बाकी के लिए समाचार पत्र में विज्ञापन प्रकाशित किए गए थे। एक बार अनुमोदित कॉलेजियम 15 साल के लिए वैध होता है। (सोसाइटी एक्ट के तहत), अगर उसमें आगे आने वाले समय में कोई फेर बदल न किया हो। कॉलेजियम 2018 में अनुमोदित थे और आगे आने वाली कमेटियों ने कोई फेरबदल नहीं की। इन कमेटियों में एक कमेटी देवव्रत ढांडा की भी थी, वो अपनी गलती छुपाने के लिए समाज को अब भर्मित कर रहे हैं। एडहाक समिति सदस्य किसी विशेष राजनीतिक दल से संबंधित नहीं हैं। उन्हें प्रशासन द्वारा केवल चुनाव करवाने और धर्मशाला के अन्य नियमित संचालन के लिए नियुक्त किया गया है।

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