पंजाब सरकार की ओर से हरियाणा का पानी रोके जाने के विरोध में पुतला जलाकर प्रदर्शन किया। एडीसी विवेक आर्य को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने कहा पंजाब सरकार ने तानाशाही रवैया अपनाते हुए फैसले को मानने से इंकार कर दिया और असंवैधानिक तरीके से पानी को रोक लिया। इनेलो इसकी घोर निंदा करती है और पंजाब सरकार को चेताते हुए कहना चाहती है कि हरियाणा ऐसे दबाव और अन्याय को सहन नहीं करेगा और अपना हक लेकर रहेंगे। भाजपा से भी वह उम्मीद करते हैं कि अपने राजधर्म को निभाए। सुप्रीम कोर्ट जाना कोई समाधान नहीं। एसवाईएल मामले में सुप्रीम कोर्ट इनेलो सुप्रीमो चौधरी ओमप्रकाश चौटाला के प्रयासों से 2002-2004 में हरियाणा के पक्ष में फैसला दे चुकी है, लेकिन उस समय की कांग्रेस सरकार उसको लागू नहीं करवा सकी। साल 2016 में फिर सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा के पक्ष में फैसला दिया। पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में भाजपा की सरकार होने के बावजूद फैसले को लागू नहीं करवा पाई।