राज्यसभा सांसद कार्तिकेय शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह दूरदर्शी सोच है कि पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती को सुशासन दिवस के रूप में मनाया जाए। उन्होंने कहा कि सुशासन का अर्थ केवल एक शब्द नहीं है, बल्कि पात्र आम आदमी तक सरकार की योजनाओं का पारदर्शी ढंग से लाभ पहुंचाना और प्रशासन द्वारा निर्बाध सेवाएं उपलब्ध करवाना ही सुशासन है। सुशासन दिवस का मुख्य उद्देश्य प्रशासन और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करना है। राज्यसभा सांसद वीरवार को लघु सचिवालय स्थित सभागार में सुशासन दिवस के अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। उन्होंने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया तथा पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में विधायक उचाना देवेंद्र चतुर्भुज अत्री और जुलाना के पूर्व प्रत्याशी भाजपा कैप्टन योगेश बैरागी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस दौरान पंचकूला में आयोजित मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के राज्य स्तरीय कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी दिखाया गया। इस दौरान अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फिल्म का प्रदर्शन किया गया। साथ ही उनके विचारों से प्रेरित होकर पिछले 11 वर्षों में सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों की झलक भी प्रस्तुत की गई। कार्तिकेय शर्मा ने कहा कि भारत युवाओं का देश है और आने वाली पीढ़ी को अटल के विचारों से सीख लेने की आवश्यकता है। राजनीति और प्रशासन में पारदर्शिता लाकर अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति की चिंता करना ही सच्चा सुशासन है। देवेंद्र अत्री ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने सुशासन की मजबूत नींव रखी थी, जिसे वर्तमान सरकार आगे बढ़ा रही है। आज सीएम विंडो, बिना पर्ची-बिना खर्ची और ई-पोर्टल जैसी व्यवस्थाएं पारदर्शिता की मिसाल हैं। कैप्टन योगेश बैरागी ने भी हरियाणा सरकार की जनोन्मुखी और तकनीक आधारित प्रशासनिक व्यवस्था की सराहना की।