जींद सोनीपत हाइवे पर भिड़ताना टोल पर किसान संगठनों ने शनिवार को अनिश्चितकालीन शुरू कर दिया। यह धरना 25 अगस्त को टोल के मैनेजर सुमित सिवाच की सड़क दुर्घटना में हुई मौत को संदिग्ध मानते हुए व 50 लाख रुपये आर्थिक सहायत की मांग को लेकर दिया। सुबह 11 बजे ही टोल फ्री करवा दिया गया था। किसान नेता रवि आजाद ने बताया रोहत के गांव भैणी बडाली निवासी सुमित सिवाच रक्षक जम्मू कटरा एक्सप्रेस वे कंपनी में मैनेजर के पद पर डयूटीरत था। 25 अगस्त को बडौदा थाना इलाके में डयूटी के दौरान सड़क हादसे में मौत हो गई थी। उस दौरान कंपनी में मृतक के परिजनों का हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया था। अब कंपनी ने सहायता करने से मना कर दिया है। इसके चलते उन्हें मजबूरी में टोल का फ्री करवाना पड़ा। परिजनों तथा ग्रामीणों का कहना था कि जब तक टोल कंपनी उनकी मांगों को पूरा नही करती तब तक टोल फ्री रखा जाएगा। वहीं, टोल प्लाजा मैनेजर ने बताया कि टोल को रक्षक कंपनी ने राधे कंपनी को बेच दिया है। मृतक के भाई रविंद्र ने बताया कि हादसे के बाद कंपनी ने मुआवजा देने का आश्वासन दिया था। अब कंपनी उसे अपना कर्मी न मान कर मुआवजा नहीं दे रही है। जब तक मुआवजा नहीं मिलता तब तक धरना जारी रहेगा और टोल फ्री रहेगा। टोल को फ्री कराए जाने की सूचना पाकर सफीदों डीएसपी गौरव शर्मा मौके पर पहुंचे और धरने पर बैठे लोगों से बातचीत की लेकिन परिजन तथा ग्रामीणों ने टोल फ्री के साथ धरने को जारी रखा। यह है मांग परिजनों ने 50 लाख रुपये मुआवजा, जिन टोल में उनकी हिस्सेदारी थी। उनका 10 प्रतिशत कमीशन, 58 वर्ष की आयु तक पूरा वेतन दिया जाए। इसके अतिरिक्त सड़क दुर्घटना के मामले की दोबारा जांच करवाई जाए। दुर्घटना के सीसीटीवी फूटेज निकलवाए जाएं।