नवनिर्वाचित राज्य सभा सांसद कर्मवीर सिंह बौद्ध ने कहा कि वे भारत रत्न संविधान निर्माता डॉ भीमराव अम्बेडकर के शिक्षित बनो संगठित रहो संघर्ष करो के मिशन को समाज में फैलाएं और आपसी भाईचारा एवं सदभाव को कायम रखते हुए एक सशक्त समाज का निर्माण करें। कर्मवीर बौद्ध जींद स्थित गुरु रविदास धर्मशाला में मोबाइल फोन के माध्यम से महापुरूष डॉ बीआर अम्बेडकर को नमन व वंदन करते हुए एससी एवं बीसी समाज के प्रबुद्ध नागरिकों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सभा सांसद का महत्वपूर्ण पद उन्हें समाज की वजह से मिला है और यह एक बड़ी जिम्मेदारी भी मिली है। उन्होंने कहा कि गरीमापूर्ण पद की इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को वे पूर्ण निष्ठा एवं ईमानदारी से निभाएंगें और समाज व देश हित में कार्य करेंगें। साथ ही उन्होंने कहा कि वे किसी के दबाव में भी नहीं आएंगें और निर्भीक होकर समाज व देश की सेवा करेंगें। उन्होंने कहा कि किसी भी जाति व धर्म का कोई भी गरीब आदमी उनके घर में आएगा तो उसके लिए उनके घर का दरवाजा हमेशा खुला रहेगा। उन्होंने कहा कि वे राज्य सभा में पिछडे़ वर्गों व अनुसूचित जातियों व अन्य गरीब तबके के हितों एवं अधिकारों व अन्य मुद्दों की आवाज को प्रमुखता से उठाएंगें ताकि वर्षों से उपेक्षित एससी व बीसी एवं अन्य कमजोर वर्गों का भी कल्याण व उत्थान सम्भव हो सके। उन्होंने आपसी भाईचारा बनाने रखने एवं एक सशक्त समाज का निर्माण करने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया ताकि समाज व देश आगे बढे़। उन्होंने कहा कि नौकरी काल में भी समाज की सेवा के लिए वे हमेशा तत्पर रहते थे और अब वे इस राज्यसभा सदस्य पद की जिम्मेदारी को और अच्छे ढंग से निभाएंगें। इससे पहले एससी बीसी के प्रबुद्ध नागरिकों ने अनुसूचित जाती से सम्बंधित नवनिर्वाचित राज्य सभा सदस्य कर्मवीर सिंह बौद्ध को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी और आपस में लड्डू बांटकर खिलाकर खुशी का इजहार किया।