नागरिक अस्पताल का बुधवार दोपहर को डीजी हेल्थ ने दौरा किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल में बनाए गए प्राइवेट रूम की जांच की। इसमें कई तरह की खामियां भी मिली। जिनको ठीक करवाने के निर्देश दिए गए। इस दौरान एक नर्सिंग ऑफिसर ने पूछा की सर कैसे लगे रूम तो डीजी हेल्थ ने कहा बस ठीक है, बेहतर नहीं है। काफी सुधार की जरूरत है। डीजी हेल्थ के आने की सूचना मिलने पर नागरिक अस्पताल प्रशासन आनन-फानन में एक से दो घंटे में कई तैयारियां करवाई। इसमें एक कमरे में अस्पताल के दूसरे स्थान से उठवाकर अस्थाई तौर पर फ्रीज रखा। इसके अलावा एक एलईडी भी लगवाई गई। इसके बावजूद भी डीजी हेल्थ को प्राइवेट रूम की तैयारियां पूरी नहीं मिली। कमरों के बाहर सीसीटीवी कैमरों की लगवाई गई केबल को ठीक से लगवाने और साफ सफाई को बेहतर बनवाने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा चिकित्सकों ने अस्पताल में जरूरत के सामान की खरीददारी के लिए डीजी हेल्थ से बजट की मांग की, जिसको जल्द ही जारी करवाने की बात कही। हालांकि नागरिक अस्पताल में पिछले कई महीने से लगभग 25 से ज्यादा तरह की मुख्य दवाइयों की भी किल्लत चली आ रही थी। चिकित्सक मरीज के लिए अगर सात तरह की दवाइयां लिखते तो दवा खिड़की पर एक या दो तरह की ही दवाई मिलती है। इसके अलावा पिछले लगभग एक वर्ष से लैब के अंदर रीजेंट खत्म होने के कारण गंभीर बीमारियों के टेस्ट नहीं हो रहे। अस्पताल में केवल सामान्य ही टेस्ट करवाए जा रहे हैं। गंभीर मरीजों को बाहर निजी लैब या फिर जांच के लिए रोहतक पीजीआई का ही सहारा बचा है।