नए फसल खरीद नियमों के विरोध में सोमवार को भारतीय किसान यूनियन ने मार्केट कमेटी कार्यालय के गेट पर ताला लगाकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान करीब दो घंटे तक ताला लगाए रखा। इसके कारण कार्यालय में किसानों के आने जाने का काम भी बाधित हुआ। मंडी में सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए प्रशासन ने मंडी में पुलिस बल तैनात रखा। धरने को संबोधित करते हुए भाकियू के जिला प्रधान बिंद्र नंबरदार, जिला प्रेस प्रवक्ता रामराजी ढुल पोंकरीखेड़ी और नेता सतेंद्र कोथ ने सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार अपने तुगलकी फरमान को वापस नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि हर रोज किसी न किसी मंत्री या विधायक का पुतला दहन कर विरोध दर्ज कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि हाल ही में हुई बेमौसमी बारिश और ओलावृष्टि से प्रदेश के किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ा है, लेकिन सरकार की ओर से अभी तक पर्याप्त मुआवजा नहीं दिया गया। ऐसे में किसानों पर नए नियम थोपना अन्यायपूर्ण है। उन्होंने मांग की कि सरकार तुरंत प्रभाव से बायोमेट्रिक नियम को वापस ले और किसानों को राहत प्रदान करे। भाकियू नेताओं ने मंडी की व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि मार्केट कमेटी द्वारा बनाए गए किसान विश्राम गृह में ठहरने, बैठने और अन्य मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। साथ ही, ई-दिशा केंद्र खोले जाने के बावजूद ई-खरीद पोर्टल में बार-बार तकनीकी दिक्कतें आ रही हैं। इससे किसानों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि जब गेटपास मैनुअल तरीके से काटे जा सकते हैं, तो फसल की खरीद भी मैनुअल रूप से की जानी चाहिए।