जींद। शहर के नागरिक अस्पताल में सोमवार को उपचार के दौरान बनियाखेड़ा गांव निवासी 11 वर्षीय दीपांशु की मौत हो गई। परिजनों ने इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक पर उपचार में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। बच्चे के चाचा अजय व पिता प्रश्न ने बताया कि उपचार के दौरान बच्चे की तबीयत बिगड़ने लगी और शरीर का रंग पीला पड़ गया। इसकी जानकारी देने के लिए वे चिकित्सक को करीब पांच बार बुलाने गए, लेकिन चिकित्सक बच्चे को देखने नहीं आया। बाद में बच्चे की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल में करीब दो घंटे तक चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। परिजनों के अनुसार 11 वर्षीय दीपांशु के पेट में सोमवार सुबह अचानक दर्द हुआ था। इसके बाद उसके चाचा अजय और पिता प्रश्न उसे सुबह करीब आठ बजे उपचार के लिए नागरिक अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां इमरजेंसी में उसका उपचार शुरू किया गया। चाचा अजय ने आरोप लगाया कि उपचार के दौरान दीपांशु के शरीर का रंग पीला पड़ने लगा था। उन्होंने इसकी जानकारी इमरजेंसी चिकित्सक को दी, लेकिन चिकित्सक एक बार भी बच्चे को देखने नहीं आए। परिजनों ने बताया कि बच्चे की हालत लगातार बिगड़ती रही। चिकित्सक के रवैये को लेकर उनका चिकित्सक से विवाद भी हुआ। परिजनों का आरोप है कि उन्होंने कई बार बच्चे की स्थिति के बारे में चिकित्सक को बताया, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। करीब दोपहर लगभग 12 बजे दीपांशु की मौत हो गई।