सिद्ध बाबा कांशीगिरि मंदिर के प्रांगण में चल रही कथा में पंडित पवन कौशिक ने कहा कि शिव पुराण की कथा हम सबके कल्याण और व्यक्ति को सही मार्ग दर्शन देने की कथा है। शिव पुराण कथा श्रवण करने मात्र से लोगों के कष्ट दूर होते है। कौशिक ने कहा कि भोलेनाथ की शरण में ही जीव का कल्याण होता है। शिव शब्द का अर्थ कल्याण एवं संतुलन है। शिव ही सृष्टि आदि और अनंत हैं। महिला श्रद्धालुओं नें सोमवार को व्रत रख पूजा-अर्चना की। इससे पूर्व गणपति और शिव पुराण का पूजन कर पवन कौशिक ने कथा का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि शिव पुराण के अनुसार सावन माह में आने वाले सोमवार को जो भक्त उपवास रखता है, शंकर भगवान उसकी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं और उसे सुख, शांति और समृद्धि की प्राप्ति होती है। महिला संकीर्तन मंडली की तरफ से आयोजित कार्यक्रम में सुषमा गोसाई, संगीता वर्मा, इंदु भूगड़ा ने भोले का जयकारा तू लगा के देख ले, बन जाए सारे काम तू भी आके देख ले..पूनम छाबड़ा ने डम डम डमरू बजाएं मेरा भोला भजन प्रस्तुत किया। आरती के उपरांत प्रसाद वितरित किया गया। इस मौके पर प्रधान सुशांशु हंस, नारायणी सरदाना, संगीता वर्मा, उषा काठपालिया, आशा ग्रोवर, शशी खत्री, सृष्टि-यशिका रंजन, आंचल सेठी, उमा गुलाटी, प्रीति गाबा, आशू बजाज, भावना काठपालिया उपस्थित रहे।