जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झज्जर एवं एमडीडी आफ इंडिया संस्था के संयुक्त तत्वावधान में नशीली दवाओं के खिलाफ जागरूकता एवं बाल विवाह रोकथाम हेतु एक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें मुख्य अतिथि के रूप में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं सचिव विशाल तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला शिक्षा अधिकारी रतिंदर सिंह ने शिरकत की।पुलिस विभाग से उपनिरीक्षक सत्यप्रकाश ने बताया कि चाहे शहरी क्षेत्र हो या फिर ग्रामीण क्षेत्र हर जगह नशीली दवाओं के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाया गया है, जिसके तहत झज्जर जिले के 105 गांव को नशा मुक्त घोषित किया गया है। संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी करमिंद्र कौर ने बताया कि केंद्र सरकार ने बाल विवाह रोकथाम हेतु 100 दिवसीय अभियान चलाया गया है, जिसके प्रथम चरण में स्कूलों तथा काॅलेजों में जागरूकता कार्यक्रम किए जाने हैं। जिला शिक्षा अधिकारी रतिंदर सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार की तरफ से जो 100 दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत अभियान चलाया गया है, वह एक अच्छी पहल है। शिक्षा विभाग इस मुहिम को आगे बढ़ाने में पुरजोर सहयोग करेगा। उन्होंने कहा कि स्कूलों में ज्यादा से ज्यादा पैमाने पर बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता फैलाई जाएगी और विद्यार्थियों को शपथ दिलाई जाएगी। मुख्य अतिथि मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं सचिव विशाल ने कहा कि बाल विवाह तथा नशीली दवाइयां दोनों ही देश के विकास में बाधक है। बाल विवाह जहां एक बच्चे को उसके सपनों से दूर करता है, वहीं नशीली दवाओं का सेवन एक व्यक्ति तथा उसके परिवार को आर्थिक, मानसिक, सामाजिक एवं भावनात्मक रूप से नुकसान पहुंचाता है, इसलिए बाल विवाह रोकथाम एवं नशीली दवाओं के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि अभी जो 100 दिवसीय अभियान बनाएगा बाल विवाह मुक्त भारत चला हुआ है, उसमें सभी विभागों की अपनी अपनी जिम्मेदारी एवं भूमिका है। सभी विभाग अगर मिलकर एकजुटता से कार्य करे तो हम झज्जर जिले से बाल विवाह का खात्मा कर देंगे।