जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन एलायंस की सहयोगी संस्था एमडीडी ऑफ इंडिया की तरफ से बाल विवाह के खिलाफ वैश्विक अंतरधार्मिक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। रविवार को एमडीडी ऑफ इंडिया की टीम ने शहर के गिरजाघर, बेरी के महादेव मंदिर, छप्पार गांव के बाबा गंगादास महाराज मंदिर, खुड्डन गांव के नित्यानंद आश्रम सहित सभी धार्मिक स्थान पर धर्म गुरुओं से मिलकर यह आग्रह किया जा रहा है कि वह श्रद्धालुओं को बाल विवाह के उन्मूलन के लिए प्रेरित करें। बाल विवाह मुक्त भारत अभियान में धार्मिक गुरु महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। गिरिजाघर के फादर प्रमोद ने कहा कि लोगों को सरकार द्वारा बनाए नियमों कायदों का पालन करना चाहिए। संस्था बाल विवाह मुक्त भारत बनाने की दिशा में जो कार्य कर रही है, हम उसका समर्थन करते हैं। महादेव मंदिर बेरी के पुजारी अखिलेश्वर ने कहा कि परिवार बालक-बालिकाओं को अपने सपनों को साकार करने का मौका दे ना कि छोटी उम्र में उनकी शादी करे। उन्होंने कहा कि बाल विवाह पर लगाम लगाना जरूरी है। यह प्रत्येक धर्म गुरु की जिम्मेदारी है चाहे वह किसी भी धर्म से ही क्यों ना हो। महंत राजेंद्रदास ने कहा कि किसी भी धर्म में बाल विवाह का कोई स्थान नहीं है। बाल विवाह तो एक बीमारी है। इस बीमारी के खत्म होने पर ही समाज का विकास होगा। बाल विवाह अधिकारों का हनन है। जिस बच्चे का बाल विवाह होता है, वह अपने अधिकारों तक अपनी पहुंच नहीं बना पाता, इसलिए समाज में बराबरी लाने के लिए बाल विवाह खत्म होना जरूरी है। कार्यक्रम में संस्था से जिला समन्वयक मनोज कुमार, कर्मजीत छिल्लर, संदीप जांगड़ा, पूनम डागर मौजूद रहे।