शहर को प्लास्टिक मुक्त बनाने और धार्मिक आयोजनों में सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रयोग पर रोक लगाने के उद्देश्य से नगर परिषद और क्लीन एंड ग्रीन ट्रस्ट की ओर से एक अनूठी पहल शुरू की गई है। नगर परिषद की चेयरपर्सन सरोज राठी और स्वामी रामानंद महाराज ने संयुक्त रूप से छबील जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह विशेष ई-रिक्शा पूरे शहर में घूमकर लोगों को प्लास्टिक के गिलासों और थर्माकोल के बर्तनों के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करेगा तथा स्टील के बर्तनों के उपयोग के लिए प्रेरित करेगा। इस अवसर पर चेयरपर्सन सरोज बाला राठी ने कहा कि ज्येष्ठ माह और निर्जला एकादशी के दौरान शहर में बड़ी संख्या में छबीलें और भंडारे आयोजित किए जाते हैं। इन आयोजनों में उपयोग होने वाले प्लास्टिक और थर्माकोल के गिलास पर्यावरण के साथ-साथ मानव स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा हैं। उन्होंने बताया कि गर्म या मीठे पानी के संपर्क में आने पर प्लास्टिक से हानिकारक रसायन निकल सकते हैं, जो स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं। उन्होंने कहा कि उपयोग के बाद फेंके गए प्लास्टिक गिलास और प्लेटें नालों में पहुंचकर जल निकासी व्यवस्था को बाधित करती हैं, जिससे बरसात के दिनों में जलभराव और गंदगी की समस्या बढ़ जाती है। इसके अलावा सड़कों और कूड़े के ढेरों में पड़े प्लास्टिक को आवारा पशु खा लेते हैं, जिससे उनकी जान तक खतरे में पड़ जाती है। सरोज राठी ने बताया कि नगर परिषद और क्लीन एंड ग्रीन ट्रस्ट के सहयोग से शहर में छबील या भंडारा लगाने वाले सामाजिक संगठनों और नागरिकों को मुफ्त में स्टील के गिलास और अन्य बर्तन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। जरूरत के अनुसार बर्तन लेकर आयोजन के बाद उन्हें वापस जमा कराया जा सकता है। स्वामी रामानंद महाराज ने कहा कि सेवा और पुण्य के कार्य पर्यावरण संरक्षण के साथ होने चाहिए। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे प्लास्टिक को पूरी तरह त्यागकर स्टील के बर्तनों का उपयोग करें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें। उन्होंने नगर परिषद और क्लीन एंड ग्रीन ट्रस्ट के इस अभियान की सराहना भी की। इस दौरान पार्षद राजेश तंवर, क्लीन एंड ग्रीन ट्रस्ट से डॉ. अजय जैन, प्रदीप रेढू, मनोज, वजीर सिंह दहिया के अलावा नगर परिषद के अधिकारी, क्लीन एंड ग्रीन ट्रस्ट के पदाधिकारी एवं सदस्य तथा शहर के अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।