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हर बेटी को मिले शिक्षा का अधिकार, तभी होगा समाज सशक्त और साकार: डॉ. आशा शर्मा

वैश्य आर्य शिक्षण महिला महाविद्यालय, बहादुरगढ़ की स्वयंसेविकाओं द्वारा चैत्र नवरात्रों के पावन अवसर पर “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” विषय पर एक प्रभावशाली जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। रैली का उद्देश्य समाज में कन्या भ्रूण हत्या, लैंगिक भेदभाव एवं बालिकाओं की अशिक्षा जैसी गंभीर समस्याओं के प्रति जन-जागरूकता फैलाना तथा बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच को प्रोत्साहित करना था। रैली के दौरान स्वयंसेविकाओं ने हाथों में आकर्षक पोस्टर एवं स्लोगन लिए हुए पूरे उत्साह के साथ जागरूकता संदेश दिए। “बेटी है तो कल है”, “शिक्षित बेटी, समृद्ध राष्ट्र” जैसे नारों के माध्यम से लोगों को बेटियों के महत्व का संदेश दिया गया और उन्हें शिक्षा व समान अवसर प्रदान करने का आह्वान किया गया। उल्लेखनीय है कि “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसकी शुरुआत 22 जनवरी 2015 को हुई थी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य बाल लिंग अनुपात में सुधार लाना, बालिकाओं को शिक्षा के समान अवसर उपलब्ध कराना तथा समाज में उनके प्रति सम्मानजनक दृष्टिकोण विकसित करना है। इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. आशा शर्मा ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में कहा कि “चैत्र नवरात्रों में हम कन्याओं को देवी के रूप में पूजते हैं, किंतु वास्तविक सम्मान तभी होगा जब हम उन्हें जीने का अधिकार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और समान अवसर प्रदान करें। ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ केवल एक नारा नहीं, बल्कि एक सामाजिक आंदोलन है, जिसे प्रत्येक नागरिक को अपनाना होगा।” कार्यक्रम के अंत में प्राचार्या डॉ. आशा शर्मा द्वारा बालिकाओं को कॉपी एवं पेंसिल वितरित कर उन्हें शिक्षा के प्रति प्रेरित किया गया। इस जागरूकता रैली का सफल संचालन महाविद्यालय की एन.एस.एस., वाई.आर.सी. इकाई एवं रैली प्रकोष्ठ के संयुक्त प्रयासों से संपन्न हुआ।

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