सिद्ध श्री 1008 बाबा कांशीगिरि में राम नवमी के पावन अवसर पर संकीर्तन का आयोजन किया गया। पंडित पवन कौशिक ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया गया। उन्होंने कहा कि व्यक्ति अपने गुणों और कर्मों से महान बनता है। भगवान श्रीराम भी अपने स्वभाव, गुणों और कर्मों के कारण ही मर्यादा पुरुषोत्तम कहलाएं। मर्यादा पुरुषोत्तम युगों युगों से सबके प्रिय है। समिति के आशीष चावला, सुधांशु हंस ने बताया कि मंदिर में विधि विधान के साथ कन्या पूजन किया गया। मंदिर समिति ने कन्या पूजन कर उन्हें उपहार भेंट कर आशीर्वाद लिया। समिति के प्रधान नरेंद्र मदान ने कहा कि हम सभी को प्रभु श्रीराम का जन्मोत्सव मनाने का सौभाग्य प्राप्त होता हैं। उन्होंने बताया कि नवरात्र के दौरान मंदिर परिसर में प्रतिदिन चल रही दुर्गा स्तुति के पाठ को विश्राम दिया गया और श्रद्धापूर्वक कंजक पूजन किया गया। महिला सेवा समिति की प्रधान इंदु भुगड़ा ने दुर्गा अष्टमी व राम नवमी की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान दुर्गा चालीसा का पाठ किया गया। प्रभु श्री राम, माता भगवती की आरती के बाद भक्तों ने जय श्री राम, जय माता दी के जयघोष के साथ श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। इस मौके पर समिति के वीके शर्मा, योगेश रंजन, शांति देवी चुघ, नारायणी सरदाना, इंदू शर्मा, संतोष हंस, रोजी नारंग, सीमा, कमल लता शर्मा, उषा काठपालिया, आशू बजाज, भावना काठपालिया, शशी खत्री, पूनम छाबड़ा, संगीता वर्मा मौजूद रहे।