शारदीय नवरात्रि के दूसरे दिन मां भीमेश्वरी देवी मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। अलसुबह से ही भीमेश्वरी देवी की पूजा करने के लिए भक्तों की कतार लगी रही। पूरे कस्बे में श्रद्धालुओं की चहल-पहल से चारों ओर धार्मिक माहौल बना हुआ है। मां के दरबार में सुबह 5 बजे मंदिर के पट खुलने से पहले ही लाइन लग गई। श्रद्धालुओं ने मां की पूजा-अर्चना कर जयकारे लगाए और घर व परिवार की सुख-शांति के लिए मन्नत मांगी। उन्होंने मां का प्रसाद ग्रहण किया। सप्तमी व अष्टमी के दिन भक्तों का यह सैलाब अपने चरम पर होगा। बेरी मंदिर की मान्यता इतनी अधिक है कि न केवल आस-पास के क्षेत्रों से बल्कि कोलकाता, मुंबई, लखनऊ, दिल्ली आदि दूर-दराज के क्षेत्रों से भी श्रद्धालु यहां नवरात्रों के पूरे नौ दिन बेरी में ही रहकर मां की पूजा-अर्चना करते हैं। यहां मुख्य मेला सप्तमी और अष्टमी के दिन लगता है। मात्र इन दो दिनों में भी लाखों की संख्या में श्रद्धालु मां के दर्शनार्थ बेरी पहुंचते हैं। इसी भीड़ के मंदिर के चारों और के सड़क मार्ग वाहनों के लिए पूरी तरह से बंद कर बैरिकेटिंग की जाती है और केवल पैदल रास्ता होता है। मंदिर के पुजारी कुलदीप वशिष्ठ ने बताया कि नवरात्रों में माता भीमेश्वरी देवी मंदिर में दूर-दराज से श्रद्धालु मंदिर में माथा टेककर मंन्नत मांगते हैं। श्रद्धालु दर्शनों के लिए अलसुबह से लाईनों में लगने शुरू हो जाती है।